टेक्नोलोजी

बच्चे को लग गई मोबाइल गेम की लत? ये तरीके लाएंगे बदलाव… अपने लिए भी तय करें समय

RGHNEWS आज कल बच्‍चे भी पढ़ाई से ज्‍यादा मोबाइल पर समय बिताने लगे हैं. इसकी वजह यह है कि वे आउटडोर गेम  खेलने से ज्‍यादा इंडोर गेम खेलना ज्‍यादा पसंद करने लगे हैं. उन्‍हें मोबाइल में गेम खेलना, कार्टून फिल्‍में देखना आदि अच्‍छा लगता है. ऐसे में वे स्‍मार्टफोनपर गेम खेलने की लत के शिकार हो रहे हैं. अगर आपका बच्‍चा भी हर समय मोबाइल से चिपका रहता है, तो इस ओर ध्‍यान दिए जाने की जरूरत है. बच्‍चों के लिए मोबाइल का ज्‍यादा इस्‍तेमाल उनकी सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकता है. देर तक स्‍मार्टफोन की स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने से न सिर्फ उनकी आंखों पर असर पड़ रहा है, बल्कि यह उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकता है.

मॉम जंक्‍शन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों के हवाले से कहा गया है कि मोबाइल से निकलने वाली रेडियो तरंगें केवल कान के आसपास ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क में गहराई तक प्रवेश करती हैं.

अपने लिए भी तय करें समय
बच्‍चे अपने घर के बड़े लोगों से ही सीखते हैं. इसलिए अगर आप भी मोबाइल की स्‍क्रीन पर ज्‍यादा समय बिताते हैं, तो पहले खुद इसके इस्‍तेमाल में कमी जाएं. इसलिए बहुत जरूरी हो तब ही इसकी स्‍क्रीन पर समय बिताएं. यानी मोबाइल का कम से कम इस्‍तेमाल करें

सोशल मीडिया से रखें दूर
बच्‍चे मोबाइल पर ज्‍यादातर कार्टून मूवी देखते हैं या फिर गेम. उन्‍हें हिंसक गेम आदि से दूर रखें. उन्‍हें समझाएं कि इसका उनके मन और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर क्‍या असर पड़ेगा. साथ ही सोशल मीडिया से बच्‍चों को दूर ही रखें.

प्‍यार से है समझाने की जरूरत
रोज मोबाइल की स्‍क्रीन पर ज्‍यादा समय बिताना बच्‍चों की आंखों के लिए खतरनाक है. ऐसे में उन्‍हें प्‍यार से समझाएं कि इनका जरूरत से ज्‍यादा इस्‍तेमाल उन्‍हें नुक्‍सान पहुंचा सकता है.

ख़बर शेयर करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button