धोनी की कप्तानी में इन 3 खिलाड़ी ने छुई थी ऊंचाईयां

MS Dhoni और Virat Kohli दोनों ही भारत के लिए अब तक के सबसे सफल खिलाड़ी और कप्तानों में से एक रहे हैं। हालांकि, MS Dhoni ऐसे कप्तान रहे जो तीनों प्रमुख आईसीसी खिताब जीतने वाले खिलाड़ी बने। वहीं दूसरी ओर Virat Kohli ऐसा करने में अभी तक असफल रहे हैं।
कुछ खिलाड़ी तो ऐसे भी थे, जिनको MS Dhoni ही टीम में लेकर आए और उन सभी का करियर माही की वजह से ही आगे बढ़ा। लेकिन Virat Kohli ने जैसे ही कप्तानी संभाली, इन खिलाड़ियों के करियर पर एक ब्रेक सा लग गया और ये सभी धीरे-धीरे भारतीय टीम से बाहर होते गए। एक नजर डालते हैं ऐसे ही 3 खिलाड़ियों पर जो Virat Kohli की कप्तानी में फ्लॉप हो गए।
युवराज सिंह
युवराज सिंह उन क्रिकेटरों में से एक हैं, जिन्होंने एमएस धोनी से पहले डेब्यू किया था। कई वर्षों तक, वह भारतीय मध्य क्रम के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक रहे हैं। यह सब जानते हैं कि भारत की विश्व कप 2011 और टी20 विश्व कप 2007 की जीत में उनका बहुत बड़ा योगदान था। लेकिन धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद युवी कोहली की कप्तानी में अपनी निरंतरता को बरकरार रख पाने में नाकाम रहे। युवराज सिंह निरंतरता के साथ काफी समय से जूझ रहे थे और उन्हें वह समर्थन नहीं मिला जैसा कि उन्हें एमएस धोनी के कप्तान होते हुए मिलता था।
सुरेश रैना
एक समय था जब सुरेश रैना एकदिवसीय क्रिकेट में भारतीय मध्य क्रम और टी20ई क्रिकेट में शीर्ष क्रम के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे। वह एमएस धोनी के नेतृत्व में भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा थे। सुरेश रैना ने धोनी की कप्तानी में एक लंबा वक्त भारतीय टीम के साथ गुजारा और इस दौरान उन्होंने धोनी की कप्तानी में कुल 228 वनडे मैच खेले।
इस दौरान उन्होंने 35 की औसत के साथ 6228 रन बनाए। हालांकि, जैसे ही विराट कोहली कप्तान बने, रैना माही जैसा समर्थन पाने में नाकाम रहे। साथ ही, चोट के चलते उन्हें लंबे समय तक बाहर रहना पड़ा। कोहली की कप्तानी में उन्होंने 26 वनडे मैचों में 542 रन ही बनाए।
हरभजन सिंह
भारत के सबसे सफल स्पिनरों में से एक हैं हरभजन सिंह। पंजाब के 41 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने शानदार करियर में 103 टेस्ट में 417 विकेट, 236 वनडे मैचों में 269 विकेट और 28 टी 20 इंटरनेशनल में 25 विकेट लिए हैं। हरभजन सिंह का करियर भी धोनी की कप्तानी के साथ ही खत्म हो गया था। वह Virat Kohli की कप्तानी में टेस्ट मैच में भी खेल चुके हैं, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं चल पाया। वह जल्दी ही भारतीय टीम से बाहर हो गए और उन्हे दोबारा मौका नही मिला।

