धरमजयगढ़ क्षेत्र के अंतिम छोर पर 37 हाथियों का झुंड…सहमे ग्रामीण

Raigarh News: धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र में लंबे समय से हाथियों का दल विचरण कर रहा है। मंगलवार की रात हाथियों का दल कोरबा के जंगल से धरमजयगढ़ क्षेत्र की ओर आ गया। पिछले 15 दिनों से 111 हाथियों का अलग-अलग दल धरमजयगढ़ क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं, जिसमें 33 नर, 48 मादा, 30 बच्चे शामिल हैं। इधर, हािथयों से फसल को बचाने किसान अधपके धान की ही कटाई कर घर ले जा रहे हैं। वन विभाग की टीम हाथियों की निगरानी में जुटी है। हाथी मित्र दल के साथ आसपास के गांव में मुनादी भी करवा रहे हैं। किसान फसल को नुकसान से बचने खेतों पर मचान बनाकर रखवाली कर रहे हैं। 37 हाथियों का झुंड कभी कोरबा तो कभी धरमजयगढ़ रेंज के जंगलों में पहुंच जाता है।
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Raigarh News मंगलवार को कोरबा से धरमजयगढ़ के अंतिम छोर में आने की सूचना मिली थी। उसके बाद फिर वापस कोरबा की चले जाने की सूचना मिल रही है। हालांकि बीटगार्ड व ट्रेकरों द्वारा लगातार ट्रैकिंग कर हाथियों की जानकारी ली जा रही है। इसके साथ ही जहां हाथियों की आने की संभावना है, उन क्षेत्रों में ग्रामीणों को मुनादी कर जानकारी दी जा रही है। कांसाबाहर में सुबह हाथी की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत। कांसाबाहर में फसल को दंतैल ने पहुंचाया नुकसान धरमयगढ़ के छाल रेंज में बुधवार की सुबह एक दंतैल ने आतंक मचाया। इस दौरान हाथी ने कई किसानों के खेत में लगी फसल को नुकसान पहुंचाया। हाथी मित्र दल की मदद से हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया।



