जहरीली शराब से अब तक 39 लोगों की हुई मौत, 60 अस्पताल में भर्ती – RGH NEWS
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जहरीली शराब से अब तक 39 लोगों की हुई मौत, 60 अस्पताल में भर्ती

अहमदाबाद. गुजरात के अहमदाबाद के बोटाद जिले और आसपास के गांवों में जहरीली शराब की त्रासदी में मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 39 हो गई. वहीं पुलिस और राज्य सरकार जांच में तेजी लाते हुए अवैध शराब की दुकानों पर राज्यव्यापी कार्रवाई करना शुरू कर दिया है. इस घटना में कम से कम 60 मरीज भर्ती हैं, जिनका अलग-अलग अस्पताल में इलाज चल रहा है. इनमें से 11 की हालत गंभीर बताई जा रही है. सबसे अधिक मौत बोटाद जिले में हुई है. यहां जहरीली शराब के चलते 24 लोगों ने दम तोड़ दिया. गुजरात के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने गांधीनगर में पत्रकारों को बताया कि 14 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 328 और 120-बी के तहत तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और उनमें से अधिकतर लोगों को हिरासत में ले लिया गया है.

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मामला सोमवार सुबह तब सामने आया, जब बोटाद के रोजिड गांव और आसपास के अन्य गांवों में रहने वाले कुछ लोगों को उनकी हालत बिगड़ने पर बरवाला क्षेत्र और बोटाद कस्बों के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. भाटिया ने कहा, ‘ फोरेंसिक विश्लेषण में पता चला है कि पीड़ितों ने ‘मिथाइल अल्कोहल’ पी थी. हमने हत्या और अन्य अपराधों के आरोप में 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और अधिकतर आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है.’ गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) और अहमदाबाद अपराध शाखा भी जांच में शामिल है. इस बीच, राज्य सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि गुजरात के गृह विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के लिए भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सुभाष त्रिवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया है. समिति तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. समिति के अन्य दो सदस्य मद्य निषेध एवं उत्पाद शुल्क निदेशक एम. ए. गांधी और गुजरात फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला निदेशक एच. पी. सांघवी हैं.

भाटिया ने बताया कि अब तक पुलिस की जांच में सामने आया है कि जयेश उर्फ राजू ने अहमदाबाद में एक गोदाम से 600 लीटर ‘मिथाइल अल्कोहल’ चोरी किया था. राजू उस गोदाम में बतौर प्रबंधक काम करता था. उसने बोटाद में रहने वाले अपने एक रिश्ते के भाई संजय को 25 जुलाई को इसे 40 हजार रुपये में बेच दिया था. अधिकारी ने कहा, ‘‘ यह जानते हुए भी कि यह एक औद्योगिक विलायक (सॉल्वेंट) है, संजय ने बोटाद के विभिन्न गांवों के मादक पदार्थ तस्करों को इसे बेचा. इन मादक पदार्थ तस्करों ने इस रसायन को पानी में मिलाकर देशी शराब के तौर लोगों को बेचा

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