छठ पूजा के दौरान बड़ा हादसा,अचानक नदी में गिरा हैंगिंग ब्रिज, 90 से ज्यादा लोगों की मौत – RGH NEWS
देश

छठ पूजा के दौरान बड़ा हादसा,अचानक नदी में गिरा हैंगिंग ब्रिज, 90 से ज्यादा लोगों की मौत

Gujarat s Morbi Cable bridge collapse: गुजरात के मोरबी में रविवार शाम दर्दनाक हादसा सामने आया है. मच्छु नदी में पुल टूटने से नदी में गिरकर 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं. प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार केबल ब्रिज को पांच दिन पहले नवीनीकरण के बाद फिर से शुरू किया गया था. पुल गिरने से कई लोग नदी में गिर गए. हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य जारी किया गया. प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से पुल गिरने के बाद नदी में गिरे लोगों को बचाने की कोशिश में जुटा रहा.

 

पुल गिरने से कई लोग नदी में गिर गए. बचाव कार्य जारी है. घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई है. घटना के सामने आने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों से दुर्घटना के संबंध में बात की. प्रधानमंत्री ने स्थिति पर बारीकी से और लगातार निगरानी रखने और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने को कहा है.

इस बीच सीएम पटेल ने ट्वीट कर कहा कि सिस्टम द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं. सीएम पटेल ने कहा कि मैं पीएम मोदी के साथ आगे के कार्यक्रमों को छोटा करने के बाद गांधीनगर पहुंच रहा हूं. गृह राज्य मंत्री को मौके पर पहुंचने और बचाव कार्यों का मार्गदर्शन करने के लिए कहा गया है. राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) सहित सैनिकों को बचाव कार्यों के लिए लगाया गया है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, जबकि घायलों को 50 हजार देने का ऐलान किया है. वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह पटेल ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, जबकि घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है.

इससे पहले गुजरात के गृहराज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने इस हादसे में केवल 7 लोगों की मौत की पुष्टि की थी. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘बेहद दुखद दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. जिस समय ब्रिज टूटा उस समय 150 के करीब लोग ब्रिज पर थे. इस घटना के मात्र 15 मिनट के भीतर शहर का पूरा तंत्र मौके पर थे.

पूरी टीम मात्र 15 मिनट में घटनास्थल पर थी.’

उन्होंने बताया कि बचाव कार्य बेहद तेजी से किया गया. पहले घायल को महज 18 मिनट में अस्पताल पहुचाया गया. उन्होंने कहा, ‘जब इस तरह की घटना होती है तो सरकार का पहला काम होता है लोगों को रेस्क्यू करना. अब तक 70 लोगों को अस्पलात पहुंचाया गया है. ज्यादातर लोगों को बचाने में हम सफल हुए हैं. अब तक 7 की मौत की पुष्टी हुई है.

100 लोगों की कैपेसिटी वाले ब्रिज पर जमा थे 400-500 लोग
सड़क एवं भवन विभाग मंत्री जगदीश पांचाल ने भास्कर से हुई बातचीत में कहा कि यह पुल नगर निगम के स्वामित्व में है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज की क्षमता करीब 100 लोगों की है, लेकिन रविवार की छुट्टी होने के चलते हादसे के वक्त ब्रिज पर 400 से 500 लोग जमा थे। इसी के चलते ब्रिज बीच से टूट गया।

यह पुल छह महीने से बंद था। रेनोवेशन के बाद 25 अक्टूबर को इसे खोला गया था।
यह पुल छह महीने से बंद था। रेनोवेशन के बाद 25 अक्टूबर को इसे खोला गया था।

ओरेवा ग्रुप के पास है मेंटेनेंस का काम
ब्रिज के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ओरेवा ग्रुप के पास है। इस ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037 यानी 15 साल के लिए मोरबी नगर पालिका के साथ एक समझौता किया है। ग्रुप के पास ब्रिज की सुरक्षा, सफाई, रखरखाव, टोल वसूलने, स्टाफ का प्रबंधन है।

यह सस्पेंशन ब्रिज गुजरात के मोरबी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है।

कांग्रेस ने भाजपा को घेरा
इधर, हादसे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव की जल्दबाजी में भाजपा ने पुल को लोगों के लिए जल्दी खोल दिया। राहुल गांधी ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा- गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे की खबर बेहद दुःखद है। ऐसे मुश्किल समय में मैं सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की हर संभव सहायता करें और लापता लोगों की तलाश में मदद करें। इसके अलावा दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल ने भी घटना को दुखद बताया।

मोरबी के राजा इसी पुल से दरबार जाते थे
Gujarat s Morbi Cable bridge collapseब्रिज का निर्माण मोरबी के राजा प्रजावत्स्ल्य सर वाघजी ठाकोर की रियासत के दौरान हुआ था। उस समय राजा राजमहल से राज दरबार तक जाने के लिए इसी पुल का इस्तेमाल करते थे। राजशाही खत्म होने के बाद इस पुल की जिम्मेदारी मोरबी नगर पालिका को सौंप दी गई थी। लकड़ी और तारों से बना यह पुल 233 मीटर लंबा और 4.6 फीट चौड़ा है।

Related Articles

Back to top button