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आर्यन खान की बेल के लिए कोर्ट ने रखी 14 शर्तें, अगर किसी 1 का भी हुआ उल्लंघन तो होगा जेल

मुंबई क्रूज शिप में ड्रग्स पार्टी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan Drugs Case) को जमानत देने के एक दिन बाद अब मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court) ने शुक्रवार को अपने आदेश का मुख्‍य अंश उपलब्‍ध कराया है. इस आदेश में आर्यन को जमानत (Bail) देने के साथ 14 शर्तें लगाई गई हैं. इन शर्तों के मद्देनजर जमानत की औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही आर्यन खान को जेल से रिहा किया जाएगा.

 

1.कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आर्यन खान और दो सह-आरोपियों अरबाज मर्चेंट तथा मुनमुन धामेचा को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही एक या दो जमानत राशि जमा करने पर छोड़ा जाएगा.
2.न्यायमूर्ति नितिन डब्ल्यू साम्ब्रे ने आदेश में कहा, आवेदक/अभियुक्त को इस बात का विशेष ध्‍यान रखना होगा कि वह इस तरह के किसी मामले में दोबारा शामिल न हों, जिसके आधार पर उनके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराधों के लिए उक्‍त शिकायत दर्ज की गई है.
3.आदेश में कहा गया है, आवेदक/अभियुक्त किसी भी सह-अभियुक्त से संपर्क नहीं करेंगे, या इस मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति से किसी भी तरीक़े से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे.
4.कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि ये मामला जब तक एनडीपीएस की स्पेशल कोर्ट के पास है तब तक अभियुक्त ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे इस केस पर किसी भी तरह का कोई असर पड़े.
5.आदेश में कहा गया है कि अभियुक्त सीधे या किसी के ज़रिए गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे.
6.कोर्ट की ओर से आदेश में कहा गया है कि सभी अभियुक्तों को अपना पासपोर्ट स्पेशल कोर्ट में जमा करना होगा.
7.अभियुक्त इस केस को लेकर टेलीविजन, प्रिंट या सोशल मीडिया पर भी कोई बयान या टिप्पणी नहीं देंगे.
8.आदेश में कहा गया है कि एनडीपीएस के स्पेशल जज की अनुमति के बिना अभियुक्त देश से बाहर नहीं जा सकेंगे.
9.कोर्ट ने कहा है कि मुंबई से बाहर जाने के लिए अभियुक्तों को जांच अधिकारी को इस संबंध में जानकारी देनी होगी और उन्हें जांच अधिकारियों को सभी ज़रूरत की जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी.
10.कोर्ट से जिन अभियुक्तों को जमानत दी गई है उन्‍हें हर शुक्रवार 11 बजे से दोपहर दो बजे के बीच एनसीबी के दफ़्तर जा कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी.
11.कोर्ट की ओर अपने आदेश में कहा गया है कि जब तक कोई ज़रूरी कारण न हो, कोर्ट में सुनवाई की हर तारीख पर अभियुक्तों को उपस्थित होना होगा.
12.कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि एक बार जब केस का ट्रायल शुरू हो जाए तो अभियुक्त किसी भी तरह ट्रायल में देरी का कारण नहीं बनेंगे.
13.जब भी जांच के लिए एनसीबी अभियुक्तों को बुलाएगी, उन्हें उपस्थित होना होगा. उन्‍होंने कहा कि अगर किसी विशेष कारण से अभियुक्‍त जांच में शामिल नहीं हो पा रहे हैं तो उन्‍हें इसके संबंध में जांच अधिकारियों को पहले ही सूचना देनी होगी.
14.कोर्ट ने कहा, यदि आरोपी इनमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो एनसीबी उनकी जमानत रद्द करने के लिए सीधे विशेष अदालत में आवेदन करने का हकदार होगा.

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