शुभमन गिल अचानक से अपनी कप्तानी में रन बनाना तो भूल ही गए हैं, साथ ही वे मैदान पर भी कुछ ऐसे फैसले ले रहे हैं, जो किसी की भी समझ से परे हैं। मैनचेस्टर टेस्ट में दो दिन का खेल हो गया है, लेकिन अभी तक किसी भी टीम का पलड़ा भारी नहीं है।

इस बीच दूसरे दिन ज ब टीम इंडिया गेंदबाजी कर रही थी, तब शुभमन गिल ने कुछ ऐसा किया, जो किसी को समझ में नहीं आया। सवाल ये उठने शुरू हो गए हैं कि आखिर वो खिलाड़ी टीम में किसलिए शामिल किया गया है।

मैनचेस्टर टेस्ट में टीम इंडिया की पूरी पारी केवल 358 रन पर ही सिमट गई। साई सुदर्शन टीम के सवोच्च स्कोरर रहे, उन्होंने 151 बॉल पर 61 रन बनाने में कामयाबी हासिल की। उनके अलावा यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत ने भी अर्धशतक पूरे किए, हालांकि शतक कोई भी बल्लेबाज नहीं लगा सका। इसके बाद टीम इंडिया की गेंदबाजी आई।

मैच के दूसरे दिन जब इंग्लैंड की बल्लेबाजी आई तो भारतीय टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 46 ओवर की गेंदबाजी कर ली थी, लेकिन इस दौरान वॉशिंग्टन सुंदर से एक भी ओवर नहीं डलवाया गया। सलामी बल्लेबाज जैक क्रॉले और बेन डकेट के बीच 166 रनों की साझेदारी हुई

क्या वॉशिंगटन सुंदर एक बल्लेबाज की हैसियत से खेल रहे हैं। अगर ऐसा है तो फिर एक प्रॉपर बल्लेबाज टीम में आ सकता था। वो करुण नायर या फिर अभिमन्यु ईश्वरन हो सकते थे। अगर विशुद्ध स्पिनर ही खिलाना था तो कुलदीप यादव एक बेहतर विकल्प हो सकते थे,

लेकिन टीम में अगर सुंदर को रखा गया है तो फिर उनसे गेंदबाजी कराई जा सकती थी, क्या पता वे एक और विकेट लेकर टीम को थोड़ी ठीक स्थिति में पहुंचा सकते थे। फिलहाल तो जो हालात हैं, उससे लगता है कि टीम इंडिया थोड़ी सी पीछे है, अब तीसरे दिन का खेल तय करेगा कि मैच किस ओर जाएगा।