उत्तराखंड का धराली गांव देश से पूरी तरह कट चुका है। धराली गांव में सैलाब आने से 30 से 50 फीट तक मलबा जमा हो गया है। इस बीच खराब मौसम के बावजूद वहां बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

अब तक 400 लोगों को बचाया जा चुका है। साथ ही सेना के लापता 11 जवानों का भी रेस्क्यू कर लिया गया है। रेस्क्यू टीमों को हेलीकॉप्टर की मदद से धराली पहुंचाया गया है। वहीं खराब मौसम बार-बार रेस्क्यू में बाधा बन रही है। ग्लेशियर बार-बार फट रहे हैं और मलबा भी नीचे आ रहा है। बता दें कि z

धराली गंगोत्री धाम से लगभग 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। सैलाब से बदल गई धराली की सूरत धराली में आए आसमानी सैलाब ने पूरे गांव की सूरत बदलकर रख दी है। पूरा गांव मलबे का ढेर बन गया है। कुछ मकानों की तो सिर्फ छतें दिखाई दे रही हैं। z

धराली में बड़े-बड़े पत्थरों का ढेर लगा है। पूरे इलाके में बड़े- बड़े बोल्डर दिख रहे हैं। जिन्हें हटाना बड़ी चुनौती है।रेस्क्यू टीम के सामने दोहरी चुनौती धराली में रेस्क्यू टीम के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ तेज़ रफ्तार से बहती खीर गंगा नदी का पानी है तो दूसरी तरफ मलबे से बना दलदल। z

SDRF की टीम कई किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ों के रास्ते यहां पहुंची है। गीली मिट्टी में चलना बेहद मुश्किल है इसलिए टिन की चादरें बिछाकर रास्ता बनाया जा रहा है। केरल के 28 सदस्यों का दल लापता केरल के रहने वाले पर्यटकों का 28 सदस्यीय दल भी आपदा में लापता बताया जा रहा है। एक लापता व्यक्ति के

रिश्तेदार ने बताया, “उन्होंने बताया था कि उसी दिन सुबह साढ़े आठ बजे वह उत्तरकाशी से गंगोत्री के लिए रवाना हो रहे हैं। जब से वे गए, उनसे हमारा संपर्क नहीं हो पा रहा है।” उधर, महाराष्ट्र के जलगांव से भी 16 लोगों का दल उत्तरकाशी गया था जिनके लापता होने की सूचना मिल रही है।