UPI MDR Charges: UPI यूजर्स को राहत, सामान्य लेनेदेन पर नहीं लगेगा कोई MDR चार्ज

UPI MDR Charges: Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे डिजिटल माध्यमों से UPI भुगतान करने वाले आम उपभोक्ताओं के लिए लेनदेन पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगा। मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है कि व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) के बीच होने वाले भुगतानों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘लोकलसर्कल्स’ के सीईओ सचिन टपारिया के मुताबिक, अगर दुकानदार यह चार्ज ग्राहकों पर डालते हैं, तो ज्यादातर लोग UPI से दूरी बना लेंगे.
नियम लागू होने पर ग्राहक क्या करेंगे?
लोकलसर्कल्स ने 291 जिलों में 67,000 से ज्यादा UPI यूजर्स पर एक सर्वे किया. जब यूजर्स से पूछा गया कि अगर दुकानदार MDR चार्ज उनसे वसूलता है, तो वे क्या करेंगे:
14% लोग ही अतिरिक्त चार्ज देकर UPI से पेमेंट जारी रखेंगे.
27% लोग कैश यानी नकद लेनदेन पर लौट जाएंगे.
26% लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल शुरू करेंगे.
14% लोग डेबिट कार्ड से पेमेंट करेंगे.
कुल मिलाकर, 76% यूजर्स अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए कैश, कार्ड या बैंक ट्रांसफर जैसे तरीकों का रुख करेंगे.
दुकानदार इस MDR चार्ज पर क्या सोचते हैं?
अगस्त में दुकानदारों के बीच किए गए एक अन्य सर्वे से पता चला था कि वे भी इस शुल्क को देने के हक में नहीं हैं:
41% मर्चेंट्स ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट्स पर कोई MDR देने को तैयार नहीं हैं.
17% मर्चेंट्स ही 0.4% MDR देने के लिए सहमत दिखे.
15% मर्चेंट्स का मानना था कि चार्ज ज्यादा से ज्यादा 0.04% होना चाहिए.
9% दुकानदार UPI पेमेंट स्वीकार ही नहीं करते.
UPI मर्चेंट मार्केट कितना बड़ा है?
अगस्त 2026 में UPI से कुल 24.51 अरब लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹29.82 ट्रिलियन थी. इसमें से दुकानदारों को किए गए भुगतान (मर्चेंट ट्रांजैक्शन) 15.51 अरब थे, जिनकी वैल्यू ₹8.95 ट्रिलियन रही. गौर करने वाली बात यह है कि मर्चेंट पेमेंट्स में 67% वैल्यू उन्हीं ट्रांजैक्शन की है जो ₹2,000 से ऊपर के होते हैं.
क्या आम जनता पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ?
सरकार ने साफ किया है कि ग्राहकों को इस शुल्क की चिंता करने की जरूरत नहीं है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 22 सितंबर को कहा था कि MDR का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा.
UPI MDR Chargesइसके साथ ही सरकार इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ मिलकर ऐसा मैकेनिज्म तैयार कर रही है, जिससे बैंक मर्चेंट्स पर नजर रख सकें और यह सुनिश्चित किया जा सके कि दुकानदार ग्राहकों से यह चार्ज न वसूलें. ध्यान दें कि सरकार ने 14 सितंबर को ही ₹2,000 तक के UPI पेमेंट्स और RuPay डेबिट कार्ड पेमेंट्स को पूरी तरह चार्ज-फ्री रखा है.