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Sugar Price Increase: त्योहारी सीजन में महंगाई का झटका; शक्कर और गुड़ की कीमतें 22 रुपए तक चढ़े

Sugar Price Increase त्योहारों के मद्देनजर खुदरा बाजार में चीनी के दाम बढ़कर 70 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। कारोबारियों की मानें तो पिछले 20 दिनों के भीतर 22 रुपए प्रति किलो दाम बढ़ गए हैं। वहीं, थोक बाजार में शक्कर के दाम की बात करें तो 43 रुपए प्रति किलो मिलने वाली चीनी अब 65 रुपए तक पहुंच गई है। वहीं, शक्कर के बाद गुड़ के दाम में तेजी से देखने को मिली है। 20 दिन के भीतर गुड़ का रेट 15 रुपए तक बढ़ गया है। थोक बाजार में गुड़ की कीमत 55 रुपए प्रति किलो 70 रुपए प्रति किलो हो गया है। वहीं, खुदरा बाजार की बात करें तो शक्कर 70 रुपए और गुड 80 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। व्यापारियों की मानें तो एथेनॉल और जमाखोरी के चलते ही शक्कर और गुड़ के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

 

22 रुपए प्रति किलो तक महंगा हुआ शक्कर

Sugar Price Increase Reason दूसरी ओर केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और उपलब्धता बढ़ाने के लिए 31 अक्टूबर तक शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके साथ ही कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने उन थोक उपभोक्ताओं पर भी भंडारण सीमा लागू कर दी है, जो हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का उपयोग करते हैं। ऐसे उपभोक्ता अब अधिकतम 15 दिन की खपत के बराबर चीनी का ही भंडार रख सकेंगे।

 

सरकार ने जमाखोरी पर लगाई पाबंदी

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बृहस्पतिवार को एक अधिसूचना में कहा, ‘‘कच्ची चीनी की आयात नीति में संशोधन कर 31 अक्टूबर, 2026 तक शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत 10 लाख टन शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है।’’ यह कदम चीनी की कीमत में तेज बढ़ोतरी के बीच उठाया गया है। उद्योग संगठन के अनुसार, 2026-27 सत्र से पहले शुरुआती भंडार कम रहने के कारण चीनी की कीमत मिलों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। मंगलवार को देश में चीनी की मिल में औसत कीमत 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि एक साल पहले यह 3,900 रुपये प्रति क्विंटल थी।

 

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी कीमत सालाना आधार पर करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पिछले साल 46.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी। देश में अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि महीने में 10 टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले थोक उपभोक्ता 15 दिन की खपत से अधिक चीनी का भंडार नहीं रख सकेंगे।

 

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Sugar Price Increaseखाद्य मंत्रालय ने चीनी (थोक उपभोक्ताओं की भंडारण सीमा) आदेश, 2026 अधिसूचित किया है, जिसके दायरे में मिठाई बनाने वाले, शीतल पेय बनाने वाले, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, मिठाई विक्रेता और अन्य संस्थागत खरीदार आएंगे। खाद्य मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘सरकार के इस कदम से अटकलों पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को उचित और स्थिर कीमतों पर पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।’’ यह आदेश एक सितंबर से प्रभावी होगा और 30 नवंबर तक लागू रहेगा।

 

 

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