Share market today: शेयर बाजार में फिर गिरावट; सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 अंक से नीचे, जानिए गिरावट की असली वजह? – RGH NEWS
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Share market today: शेयर बाजार में फिर गिरावट; सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 अंक से नीचे, जानिए गिरावट की असली वजह?

Share market today भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को फिर से गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बाजार ने नकारात्मक रुख अपनाया और निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। गुरुवार को कारोबार की शुरुआत होते ही सेंसेक्स 600 अंक की भारी गिरावट के साथ 76,300 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी 202.60 अंक फिसलकर 23,700 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। बाजार की हालत इतनी पतली थी कि लगभग 1,597 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 643 शेयर ही हरे निशान में रहने में कामयाब रहे।

 

इन शेयरों ने तोड़ी बाजार की कमर

आज की गिरावट में बैंकिंग और एविएशन सेक्टर के दिग्गजों का सबसे बड़ा हाथ रहा। निफ्टी पर सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल रहे। बाजार की इस सुनामी में केवल कोल इंडिया जैसे इक्का-दुक्का शेयर ही बढ़त बनाने में सफल रहे।

 

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रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब

शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपया भी कमजोरी के नए रिकॉर्ड बना रहा है। आज रुपया डॉलर के मुकाबले 92.33 के स्तर पर पहुंच गया, जो इसके अब तक के सबसे निचले स्तर (92.36) के बेहद करीब है। विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से पैसा निकालने और वैश्विक अस्थिरता के कारण रुपये की कीमत लगातार गिर रही है।

 

 

आज इन शेयरों पर रहेगी इन्वेस्टर्स की नजर

बाजार की गिरावट के बीच कुछ कंपनियों ने अपनी व्यावसायिक घोषणाओं से सबका ध्यान खींचा:

 

Ashok Leyland: कंपनी ने चेन्नई में एक नई बैटरी पैक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए भूमि पूजन किया है, जिसमें ₹400-500 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

KEC International: कंपनी को भारत और विदेशों से ₹1,476 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं।

Wipro: विप्रो ने अमेरिका की एक बीमा कंपनी के साथ मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है।

 

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गिरावट की असली वजह क्या?

Share market todayबाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य-पूर्व में जारी युद्ध की स्थिति और ओएमसी (OMCs) द्वारा LPG सप्लाई पर लगाए गए प्रतिबंधों ने निवेशकों को डरा दिया है। ईंधन की कमी और वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने के कारण भारत जैसे आयात-निर्भर देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है

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