Shani Dev Aarti: शनिवार को इस आरती से प्रसन्न होते हैं कलियुग के दंडाधिकारी

Shani Dev Aarti In Hindi : वैशाख का महीना आरंभ हो चुका है. आज वैशाख मास का प्रथम शनिवार है. वैशाख मास में शनि देव की पूजा का विशेष महत्व है. पंचांग के अनुसार आज प्रात: 6 बजकर 29 मिनट के बाद अष्टमी की तिथि शुरू होगी. इस तिथि में शनि देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है.
मान्यता है कि शनिवार के दिन शनि देव की पूजा का विधान है. सच्ची श्रद्धा से शनिवार के दिन उनकी पूजा-अर्चना आदि करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और सभी की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी करते हैं. शनि देव को न्याय का देवता माना गया है. अच्छे कर्म करने वालों को शुभ फल देते हैं और बुरे कर्म करने वालों को दंड देते हैं. इसलिए व्यक्ति को हमेशा जीवन में अच्छे कर्म ही करने चाहिए.
शनि देव की कृपा के लिए शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए. मान्यता है कि इस दिन शनिदेव की पूजा-आरती करने से बिगड़े काम भी बन जाते हैं. इसलिए शनिवार के दिन शनिदेव की ये आरती अवश्य करें.
शनि देव की आरती (Shani Dev Aarti)
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
जय जय श्री शनि देव….
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।
नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥
जय जय श्री शनि देव….
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
जय जय श्री शनि देव….
मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
जय जय श्री शनि देव….
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।


