Raigarh News : शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 70.77 लाख रुपये की ठगी का मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार गिरफ्तार, साइबर थाना रायगढ़ की कार्रवाई
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई, पूर्व में गिरफ्तार महिला आरोपी मेनका सारथी से पूछताछ में सामने आई थी मुख्य आरोपी की भूमिका

Raigarh News : *रायगढ़, 15 अक्टूबर 2026* । शेयर मार्केट में पैसा निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ग्रामीण महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में साइबर थाना रायगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को तमनार क्षेत्र में उसके गांव में दबिश देकर पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला आरोपी मेनका सारथी के साथ मिलकर ग्राम जतरी, थाना पुसौर और आसपास के गांवों की महिलाओं को निवेश के नाम पर अपने झांसे में लिया था। इस मामले में कुल 70,77,901 रुपये की राशि प्राप्त किए जाने की शिकायत सामने आई है। आरोपी से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन और बैंक खाते से संबंधित जानकारी जब्त की गई है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

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मामले के अनुसार, थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम जतरी निवासी हारा बाई निषाद (36 वर्ष) सहित गांव की अन्य महिलाओं ने शिकायत में बताया कि ग्राम जतरी की मेनका सारथी, जिसका विवाह ग्राम बरतुंगा, जिला सक्ती निवासी अक्षय सारथी से हुआ है, अपने मायके आने पर महिलाओं को बताती थी कि वह और उसका पति शेयर मार्केट में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। उसने महिलाओं को विश्वास में लेकर अपने बताए अनुसार पैसा निवेश करने पर कम समय में मोटा मुनाफा मिलने और रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया। यहां तक कहा गया कि यदि निवेश की रकम दोगुनी नहीं हुई तो वह और उसका पति अपनी गारंटी पर दोगुनी रकम वापस दिलाएंगे। इस भरोसे में आकर कई महिलाओं ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम देना शुरू कर दिया।
शिकायत के अनुसार, 6 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच हारा बाई निषाद से 17 लाख 53 हजार रुपये, आरती सिदार से 3 लाख रुपये, अनिता निषाद से 17 लाख 24 हजार रुपये, दुजकुंवर यादव से 5 लाख रुपये, सुशीला निषाद से 1 लाख 80 हजार रुपये, मोहनमती सिदार से 3 लाख 30 हजार रुपये, मुन्नी बाई सारथी से 3 लाख 40 हजार रुपये, पुष्पा सिदार से 9 लाख रुपये, फुलबाई यादव से 3 लाख रुपये और विष्णु प्रिया निषाद से 7 लाख 50 हजार रुपये लिए गए। इनके अतिरिक्त अन्य महिलाओं से भी रकम प्राप्त की गई। इस प्रकार निवेश के नाम पर कुल 70,77,901 रुपये लेने की शिकायत की गई है।
शुरुआत में मेनका सारथी द्वारा कुछ निवेशकों को मुनाफे की रकम लौटाकर उनका विश्वास जीता गया, लेकिन बाद में महिलाओं को न तो मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल रकम वापस की गई। पीड़ित महिलाओं द्वारा रकम वापस मांगने पर उन्हें पता चला कि उनकी राशि शेयर मार्केट में निवेश करने के बजाय निजी उपयोग में ली गई है। शिकायत के अनुसार, रकम लौटाने से इनकार करने के साथ शिकायत करने पर जेल भिजवाने की धमकी भी दी गई। कुछ महिलाओं ने दूसरे बैंकों से ऋण लेकर रकम निवेश के लिए दी थी और बाद में उन्हें स्वयं ऋण की किस्तें चुकानी पड़ रही थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच में लेनदेन और धोखाधड़ी से जुड़े साक्ष्य सामने आने पर 22 जुलाई 2026 को थाना साइबर में अपराध क्रमांक 11/2026, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी और मीरा सोनवानी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़ित महिलाओं और आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई। आरोपी महिला के तीन अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये के लेनदेन का पता चला। बैंक ट्रांजेक्शन, पीड़ितों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जिला सक्ती के ग्राम बरतुंगा में दबिश देकर 6 अक्टूबर को मेनका सारथी को हिरासत में लिया था।

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पूछताछ में मेनका सारथी ने पुलिस को बताया कि वह पूर्व में रायगढ़ के ढिमरापुर क्षेत्र में किराये के मकान में रहती थी, जहां मिनकेतन सिदार से उसकी पहचान हुई थी। पूछताछ में मुख्य आरोपी मिनकेतन की भूमिका सामने आई। आरोप है कि उसी ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेने की योजना बनाई थी। इसके बाद मेनका ने अपने पति अक्षय सारथी और मां मीरा सोनवानी को भी इस गतिविधि में शामिल किया। पुलिस जांच के अनुसार, अक्षय सारथी निवेश पर अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाने और रकम के लेनदेन की जानकारी रखने में भूमिका निभाता था, जबकि मीरा सोनवानी महिलाओं को निवेश के लिए प्रेरित करने तथा नकद रकम लेने और बैंक खातों में जमा कराने में सहयोग करती थी।
आरोपियों द्वारा ग्रामीण महिलाओं से प्राप्त रकम को अलग-अलग लोगों के बीच लेनदेन के माध्यम से घुमाया जाता था। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को मुनाफे और मूलधन की राशि लौटाई गई, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। मेनका सारथी के कब्जे से लेनदेन में प्रयुक्त मोबाइल फोन, तीन बैंक खातों से संबंधित जानकारी और एटीएम कार्ड जब्त किए गए थे। इसके बाद पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
इसी क्रम में साइबर थाना पुलिस को मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने तमनार क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को उसके गांव के पास से हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाना लाया। आरोपी के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन जब्त किया गया तथा उसके बैंक खाते से संबंधित जानकारी जुटाई गई। अपराध में संलिप्तता के साक्ष्य मिलने पर तमनार पुलिस ने *आरोपी मिनकेतन सिदार पिता ब्रह्मा सिदार उम्र 40 साल निवासी ग्राम आमगांव थाना तमनार* को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है, विवेचना जारी है।