Raigarh News : स्मार्ट मीटर के जरिए जनता की जेब पर डाका, सरकार तत्काल हटाए स्मार्ट मीटर : शाखा यादव

Raigarh News : रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाखा यादव ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद हजारों उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित रूप से चार से पांच गुना तक वृद्धि देखने को मिल रही है। इससे आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। गरीब, मध्यमवर्गीय और मेहनतकश परिवार बढ़ते बिजली बिलों के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

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आज महंगाई और बेरोजगारी के भीषण दौर में आदमी बमुश्किल 10 -12 हजार रुपए महीना कमा पाता है उसमें से 3 – 4 हजार रुपए स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली बिल का पटाना पड़ रहा ऐसे में बचे हुए पैसे से राशन, इलाज,दवाई और बच्चों के पढ़ाई का खर्च बहुत ही संकट भरा जीवन हो गया है।
शाखा यादव ने कहा कि सरकार ने उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगाकर जनता के अधिकारों का हनन किया है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर नहीं चाहिए तो उसकी इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की सहमति को दरकिनार कर इस प्रकार का निर्णय थोपना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।
विद्युत अधिनियम 2003 के तहत उपभोक्ता को मीटर चुनने का अधिकार स्वैच्छिक है कोई अनिवार्यता या बाध्यता नहीं है इस तथ्य को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने सदन में भी बोल चुके हैं।
शाखा यादव ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को एक हजार रुपये देने का प्रचार बखूबी कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली बिलों में कई गुना बढ़ोतरी कर उसी जनता की जेब से उससे कहीं अधिक राशि लूटने का काम कर रही है। यह राहत नहीं, बल्कि एक हाथ से देने और दूसरे हाथ से कई गुना वापस लूटने की नीति है।
शाखा यादव ने कहा कि पहले से ही जनता महंगाई की मार झेल रही है। रसोई का सामान, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और अनेक आवश्यक सेवाएं महंगी हो चुकी हैं। ऐसे समय में बिजली बिलों का असामान्य बोझ गरीब परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगाड़ रहा है।
जनता की बुनियादी जरुरतों में बिजली,पानी ,सड़क,राशन को सरल और सहज महैया कराना सरकार की प्राथमिकता होती है पर भाजपा सरकार को जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं दिखाई देता।
उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों में स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापक विरोध हो रहा है। उत्तर प्रदेश में भी जनता के विरोध के बाद सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ा और स्मार्ट मीटर हटवाना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई भाजपा शासित राज्यों में भी स्मार्ट मीटर के खिलाफ जनआंदोलन खड़े हो रहे हैं और अब छत्तीसगढ़ की जनता भी इस जनविरोधी व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरने को मजबूर हो रही है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही विवादित स्मार्ट मीटर हटाकर उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप पुराने मीटर लगाने की व्यवस्था नहीं की तथा बढ़े हुए बिजली बिलों का निष्पक्ष समाधान नहीं कराया, तो जिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। हर गांव, हर वार्ड और हर शहर में जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से स्मार्ट मीटर के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी।
शाखा यादव ने कहा कि सरकार यह भ्रम छोड़ दे कि जनता हमेशा अन्याय सहती रहेगी। यदि जनता की आवाज को लगातार अनसुना किया गया, तो जनाक्रोश इतना व्यापक होगा कि लोग स्वयं अपने घरों से स्मार्ट मीटर हटाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और बिजली विभाग की होगी।
अंत में उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल स्थगित की जाए, उपभोक्ताओं को पुराने मीटर का विकल्प दिया जाए । जनता को राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है, उसे आर्थिक बोझ तले दबाना नहीं।



