रायगढ़ न्यूज़ (समाचार)

Raigarh News: 10 फरवरी को रायगढ़ में गूंजेगी सामूहिक विवाह की शहनाई

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 190 जोड़े बंधेंगे परिणय सूत्र में

Raigarh News:  रायगढ़, 9 फरवरी 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत रायगढ़ एक बार फिर सामाजिक समरसता और संवेदनशील शासन का साक्षी बनने जा रहा है। 10 फरवरी को शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित होने वाले विशाल सामूहिक विवाह समारोह में जिले के 190 जोड़े एक-दूजे का हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को और भी विशेष बनाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होकर नव-दंपत्तियों को अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान करेंगे।

Read More: West Bengal SIR: बंगाल SIR पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती, कहा- ‘SIR में कोई रुकावट बर्दाश्त नहीं करेंगे’

यह सामूहिक विवाह समारोह कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर. कच्छप ने बताया कि जिले की विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं से चयनित जोड़े इस समारोह में शामिल होंगे।

Read More: Kids Aadhaar Card: UIDAI ने 1 करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट किए पूरे, जानिए कब करें बच्चों का आधार अपडेट?

*प्रत्येक नववधु को मिलेगी 50 हजार रुपये की सहायता*
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले को इस वर्ष 300 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसमें से 110 जोड़ों का विवाह पूर्व में सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है। 10 फरवरी को आयोजित इस समारोह के माध्यम से शेष 190 जोड़ों के विवाह के साथ यह लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नववधु को कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 35 हजार रुपये का चेक अथवा बैंक ड्राफ्ट सीधे कन्या को दिया जाता है, जबकि 7 हजार रुपये वर-वधु के परिधान एवं श्रृंगार सामग्री तथा 8 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन पर व्यय किए जाते हैं। इस योजना का लाभ गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अथवा मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के पात्र परिवारों को दिया जाता है। कन्या का छत्तीसगढ़ निवासी होना तथा प्रथम विवाह होना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य समाज में फिजूलखर्ची पर रोक, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगाना तथा गरीब परिवारों की बेटियों की विदाई सम्मान और गरिमा के साथ सुनिश्चित करना है।

Related Articles

Back to top button