Raigarh News: 11 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर 8 गांव के ग्रामीण, NTPC तिलाईपाली कोयला खदान के खिलाफ उबाल
चार गुना मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की मांग पर अड़े ग्रामीण, सिर्फ आश्वासन लेने को तैयार नहीं

Raigarh News: रायगढ़ | घरघोड़ा
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लॉक में स्थित NTPC तिलाईपाली कोयला खदान के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। 25 जनवरी से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन आंदोलन अब 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन अब तक NTPC प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने से हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

तिलाईपाली अपेरा मैदान में 8 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक धरने पर बैठकर NTPC प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी 6 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
पुनर्वास, चार गुना मुआवजा और रोजगार मुख्य मांग
ग्रामीणों का कहना है कि NTPC की कोयला खदान से उनकी जमीन, आजीविका और भविष्य तीनों प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही स्थायी रोजगार।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें—
प्रभावित परिवारों का पूर्ण पुनर्वास
जमीन के बदले चार गुना मुआवजा
प्रत्येक प्रभावित परिवार को स्थायी रोजगार
स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता
मूलभूत सुविधाओं की गारंटी
खनन से हो रहे नुकसान की भरपाई
8 गांवों के लोग आंदोलन में शामिल
इस आंदोलन में तिलाईपाली, उदुरमहुआ, नया रामपुर, बिच्छीनारा, अजीतगढ़, चोटीगुड़ा, साल्हेपाली और रायकेरा गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी धरना स्थल पर मौजूद रहकर NTPC के खिलाफ अपना आक्रोश जता रहे हैं।
बातचीत में नहीं बनी बात, NTPC पर टालमटोल का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि 9 जनवरी को NTPC अधिकारियों के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन अधिकारी स्पष्ट जवाब दिए बिना ही बैठक छोड़कर चले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि NTPC सिर्फ समय काटने और आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि
> “हमें अब सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए। NTPC अगर समाधान चाहती है तो लिखित और ठोस फैसला लेकर आए।”
इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा बातचीत की मांग की, लेकिन अब तक NTPC प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं हुई, जिससे असंतोष और गहराता जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन भी खामोश
11 दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन की सक्रियता न के बराबर है। न तो जिला स्तर पर कोई ठोस पहल दिख रही है और न ही NTPC पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में यह संदेश जा रहा है कि प्रशासन और NTPC के बीच मिलीभगत है।
ग्रामीणों का साफ संदेश
ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि
> “NTPC हमारी जमीन ले रही है, लेकिन हमारा भविष्य नहीं खरीद पा रही। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”



