President Droupadi Murmu: “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू” आज से 7फरवरी तक छत्तीसगढ़ -ओड़िशा का करेंगी दौरा, देखे किन- किन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का होगा उद्घाटन

President Droupadi Murmu:रायपुर/ओडिशा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज से 7 फरवरी, 2026 तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय यात्रा पर रह रही हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, आदिवासी कल्याण, संस्कृति के संरक्षण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। राष्ट्रपति मुर्मु अपने दौरे की शुरुआत आज शाम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में करेंगी, जहां उनके लिए विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
बालासोर में दीक्षांत समारोह, नए ऑडिटोरियम का उद्घाटन
राष्ट्रपति मुर्मू कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का करेंगी उद्घाटन
राष्ट्रपति इस दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि पूजन करेंगी। इनमें सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, ओडिशा कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में विकास कार्य, आर्चरी सेंटर, शहर सौंदर्यीकरण व ड्रेनेज सुधार कार्य, विभिन्न सीएसआर योजनाएं तथा एमएससीबी विश्वविद्यालय का आईटी कैंपस शामिल हैं। ये सभी परियोजनाएं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, शहरी सुविधाओं और प्रौद्योगिकी के समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

सिमलिपाल में आदिवासी महिलाओं और युवाओं से संवाद
6 फरवरी को राष्ट्रपति मुर्मु ओडिशा के प्रसिद्ध सिमलिपाल बायोस्फीयर रिजर्व में आदिवासी समुदायों की महिलाओं और युवाओं से सीधा संवाद करेंगी। सिमलिपाल अपनी जैव विविधता और आदिवासी विरासत के लिए देश-विदेश में काफी ज्यादा प्रसिद्ध है।
‘ब्लैक स्वान समिट, इंडिया’ में होंगी शामिल
उसी दिन राष्ट्रपति भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार और ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क की सहायता से आयोजित ‘ब्लैक स्वान समिट, इंडिया’ में भी शिरकत करेंगी। इस समिट में वित्त और तकनीक के क्षेत्र में जोखिम प्रबंधन, मजबूती और नए अवसरों पर चर्चा होगी।
छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर पंडुम 2026’ का उद्घाटन
7 फरवरी को राष्ट्रपति अपने दौरे के अंतिम चरण में छत्तीसगढ़ पहुंचेंगी। जगदलपुर में वे ‘बस्तर पंडुम 2026‘ महोत्सव का शुभारंभ करेंगी। यह वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव बस्तर की आदिवासी परंपराओं, कला, शिल्प और जीवनशैली को उजागर करता है। ‘बस्तर पंडुम‘ महोत्सव न केवल आदिवासी विरासत के संरक्षण में योगदान देता है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है



