PM Kisan: पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के लिए ये ‘स्पेशल आईडी’ बनवाना जरूरी, वरना नहीं मिलेंगे 2000 रुपये! – RGH NEWS
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PM Kisan: पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के लिए ये ‘स्पेशल आईडी’ बनवाना जरूरी, वरना नहीं मिलेंगे 2000 रुपये!

PM Kisan देशभर के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि उम्मीद की एक किरण है. साल भर में मिलने वाले 6,000 रुपये छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा बनते हैं. अब तक ज्यादातर किसानों को यही लगता था कि अगर उन्होंने अपना ई-केवाईसी (e-KYC) करवा लिया और जमीन के कागज लिंक हैं, तो पैसा आने में कोई रुकावट नहीं आएगी. लेकिन, अगर आप भी यही सोचकर निश्चिंत बैठे हैं, तो थोड़ा सतर्क हो जाइए. नियमों में एक बड़ा बदलाव हुआ है और अगर इस पर ध्यान नहीं दिया तो अगली किस्त अटक सकती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने अब ई-केवाईसी के साथ-साथ ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) को भी जरूरी कर दिया है.

 

फार्मर आईडी’ क्या होता है समझ लें

मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि सिर्फ केवाईसी अपडेट होना ही अब काफी नहीं होगा. सरकार ने ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) के जरिए किसानों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार करने की ठानी है.यानी अगर आपके पास फार्मर आईडी नहीं है, तो सिस्टम आपको अगली किस्त की लिस्ट से बाहर कर सकता है. सरकार का मकसद बिल्कुल स्पष्ट है कि बिचौलियों को हटाया जाए और जो वाकई खेत में पसीना बहा रहे हैं, उन्हीं के खाते में 2,000 रुपये की किस्त पहुंचे.

 

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‘फार्मर आईडी’ में क्या है खास ?

‘फार्मर आईडी’ को किसान की ‘डिजिटल कुंडली’ समझ सकते हैं. जैसे आधार कार्ड आपकी पहचान बताता है, वैसे ही यह आईडी आपकी किसानी का पूरा चिट्ठा खोलेगी. इस यूनिक आईडी में सिर्फ आपका नाम या पता नहीं होगा. इसमें दर्ज होगा कि आपके पास कितनी जमीन है, आप उस पर कौन सी फसल उगाते हैं, किस तरह का खाद डालते हैं और क्या आप पशुपालन भी करते हैं. यानी, सरकार के पास एक क्लिक पर पता होगा कि कौन सा किसान क्या उगा रहा है. इससे आने वाले समय में खाद-बीज की किल्लत और दूसरी समस्याओं को सुलझाने में भी मदद मिलेगी.

 

‘फार्मर आईडी’ बनवाना बेहद आसान

इस नई व्यवस्था से आपको घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार जानती है कि हर किसान इंटरनेट का उस्ताद नहीं है, इसलिए इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रास्ते खोले गए हैं. अगर आप थोड़ा बहुत मोबाइल चलाना जानते हैं, तो घर बैठे ‘AgriStack’ की वेबसाइट पर जाकर खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. वहां आधार के जरिए ई-केवाईसी करना होगा और अपनी खेती की जानकारी भरनी होगी. जमीन के कागज स्कैन करके अपलोड करने पड़ सकते हैं.

 

PM Kisanइसके अलावा, देश के अलग-अलग इलाकों में इसके लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं. आप वहां जाकर अपना आधार और जमीन के कागज दिखाइए, अधिकारी मौके पर ही आपकी डिटेल्स वेरिफाई करेंगे और आपकी यूनिक फार्मर आईडी बन जाएगी

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