PM मोदी ने मन की बात में कोविड को लेकर किया सचेत – RGH NEWS
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PM मोदी ने मन की बात में कोविड को लेकर किया सचेत

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के जरिये देशवासियों को एक बार फिर से संदेश दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान लोगों को अंगदान और स्वच्छ ऊर्जा का महत्व समझाने के साथ ही कोरोना वायरस को लेकर भी सचेत किया.

‘मन की बात’ की 99वीं कड़ी में पीएम मोदी (PM Modi Mann Ki Baat) ने देशवासियों को संबोधित करते हुए रमजान के पवित्र महीने सहित आने वाले विभिन्न त्योहारों के लिए लोगों को शुभकामनाएं दी, लेकिन साथ ही देश में बढ़ते कोविड मामलों के बीच लोगों को सावधान रहने के लिए भी आगाह किया. पीएम मोदी ने कहा, ‘त्योहार मनाएं, लेकिन हमेशा सतर्क रहें.

कोरोना को लेकर एहतियात जरूरी’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन का अंत करते हुए कहा, ‘साथियो, इस समय कुछ जगहों पर कोरोना भी बढ़ रहा है. इसलिये आप सभी को एहतियात बरतनी है, स्वच्छता का भी ध्यान रखना है.’ बता दें कि देशभर में महीने भर पहले जहां कोविड-19 संक्रमण के कुल नए मामले 100 के भीतर रहते थे, वहीं अब रोज़ाना डेढ़ हजार से ज्यादा नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार को जारी अपडेट में बताया गया कि ‘भारत में कोरोना वायरस के 1890 नए मामले सामने आए हैं, जो कि 149 दिन में सबसे अधिक हैं. इसके बाद उपचाराधीन मरीज़ों की संख्या बढ़कर 9433 हो गई. देश में पिछले साल अक्टूबर में एक दिन में 2208 मामले सामने आए थे.

‘देशवासियों से अंगदान करने की भी अपील की’
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इसके साथ अंगदान के महत्व को भी रेखांकित किया. पीएम मोदी ने रविवार को कहा कि आज देश में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और पिछले 10 सालों में अंगदान करने वालों की संख्या में तीन गुनी वृद्धि हुई है. प्रधानमंत्री ने इस दौरान देशवासियों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में अगदान के लिए सामने आने की अपील की.

प्रधानमंत्री ने अंगदान करने वाले कुछ लोगों के परिजनों के अनुभव सुनने के बाद कहा, ‘आपका एक फैसला कई लोगों की जिंदगी बचा सकता है, जिंदगी बना सकता है.’ उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान का इंतजार करते हैं, वह जानते हैं कि इंतजार का एक-एक पल गुजरना कितना मुश्किल होता है और ऐसे में जब कोई अंगदान या देहदान करने वाला मिल जाता है तो उसमें ईश्वर का स्वरूप ही नजर आता है.

प्रधानमंत्री ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के इस दौर में अंगदान किसी को जीवन देने का एक बहुत बड़ा माध्यम बन चुका है क्योंकि जब एक व्यक्ति मृत्यु के बाद अपना शरीर दान करता है तो उससे 8 से 9 लोगों को एक नया जीवन मिलने की संभावना बनती है. उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में आज बड़ी संख्या में ऐसे जरूरतमंद हैं, जो स्वस्थ जीवन की आशा में किसी अंगदान करने वाले का इंतज़ार कर रहे हैं.’

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