New Labour Codes: आज से लागू होंगे नए लेबर कोड, जानिए ओवरटाइम पे से सोशल सिक्योरिटी तक क्या-क्या बदलेगा

New Labour Codes: केंद्र सरकार के नए श्रम कानून (New Labour Codes) 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगे। ये बदलाव सिर्फ कागजी नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा असर कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी, पीएफ (PF) कंट्रीब्यूशन, काम के घंटे और आपके अधिकारों पर पड़ेगा। सरकार 44 श्रम कानूनों को खत्म कर अब 4 लेबर कोड लागू करने की तैयारी में है। इसमें कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए श्रम कोड के तहत काम के मानक घंटे पहले की तरह 8 घंटे रोजाना और 48 घंटे साप्ताहिक रहेंगे। लेकिन, इनमें काम के तरीकों को अधिक लचीला बनाया गया है। कंपनियां कर्मचारियों को फ्लेसिबल वर्किंग कल्चर दे सकेंगीं। इसके अलावा साप्ताहिक काम के घंटों के प्रबंधन के आधार पर ज्यादा ओवरटाइम भी मिल सकेगा।
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चार श्रेणियों में बंटे हैं कानून
वेतन संहिता (Wage Code)
यह आपकी सैलरी और बोनस से जुड़े नियमों को तय करेगा।
सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code)
पेंशन, पीएफ और बीमा जैसे लाभों के लिए।
औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code)
कंपनियों और कर्मचारियों के बीच विवादों के समाधान के लिए।
व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संहिता (OSH Code)
कार्यस्थल पर सुरक्षा और बेहतर वर्किंग कंडीशन सुनिश्चित करने के लिए।
बदल जाएगी पे स्लिप
नए लेबर कोड के मुताबिक, आपकी बेसिक सैलरी आके टोटल CTC का 50 फीसदी होनी चाहिए। अभी बहुत सी कंपनियां टैक्स बचाने के लिए बेसिक सैलरी को कम रखती हैं और HRA, Travel Allowance और Special Allowance जैसे भत्तों को 70-80 फीसदी तक बढ़ा देती हैं। लेकिन अब नए नियम के तहत कंपनियां सभी भत्तों को मिलाकर टोटल सैलरी के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं रख पाएंगी।
बढ़ सकता है रिटायरमेंट फंड
पीएफ और ग्रैच्युटी का कैलकुलेशन बेसिक सैलरी के आधार पर होता है। इसलिए अगर बेसिक पे बढ़ेगा, तो रिटायरमेंट फंड और उस पर आपका कंट्रीब्यूशन भी अपने आप ही बढ़ जाएगा। पीएफ ज्यादा कटने का असर आपकी टेक होम सैलरी पर पड़ेगा। पीएफ ज्यादा कटने से हाथ में आने वाली सैलरी कुछ कम हो सकती है। हालांकि, यह कंपनियों के मौजूदा स्ट्रक्चर पर भी निर्भर करेगा। बेसिक पे 50 फीसदी रखने का असर इस बात पर तय होगा कि अभी आपकी कंपनी ने आपकी बेसिक सैलरी कितनी रखी है।
सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
New Labour Codesनए लेबर कोड्स के मुख्य फोकस क्षेत्रों में से एक सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक सामाजिक सुरक्षा लाभों को 100 करोड़ श्रमिकों तक पहुँचाना है, जो अभी लगभग 94 करोड़ है। सामाजिक सुरक्षा कवरेज में पहले ही काफी बढ़ोतरी हुई है। साल 2015 में यह 19% था, जो 2025 तक बढ़कर 64% से ज़्यादा हो गया है। इस बढ़े हुए कवरेज में असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, गिग और प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले श्रमिक, और साथ ही स्वरोज़गार करने वाले लोग भी शामिल होने की उम्मीद है।



