धर्म

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर गलती से भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें, वरना फायदे की जगह मिल सकता है भारी नुकसान

Maha Shivratri 2026 देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना करने से पहले कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है. कहा जाता है कि भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उन पर आप जो वस्तुएं चढ़ाते हैं, उसमें आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि भगवान भोलेनाथ पर जो भी वस्तु चढ़ा रहे हैं. उसके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए कहीं ऐसा नहीं हो कि भगवान भोलेनाथ आप पर प्रसन्न होने की बजाय नाराज हो जाएं.

तुलसी का पत्ता : कभी भी शिवलिंग पर तुलसी की पत्तियों का प्रयोग नहीं किया जाता है. भगवान शिव की पूजा के दौरान भी तुलसी की पत्तियां भूल कर उन्हें नहीं चढ़ाना चाहिए, ऐसा करना अशुभ माना जाता है. तुलसी के पति असुर जालंधर का वध भगवान शिव ने किया था. इसलिए भगवान शिव को उन्होंने अपने अलौकिक और दिव्य गुण वाले तत्व से वंचित कर दिया था. इसलिए शिवलिंग पर तुलसी नहीं चढ़ाना चाहिए.

 

2. हल्दी : शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना भी वर्जित माना जाता है. माना जाता है की हल्दी स्त्री से संबंधित वस्तु है और इसे शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए. क्योंकि शिवलिंग को पुरुष तत्व का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में भगवान भोलेनाथ के ऊपर हल्दी चढ़ाना वर्जित है

3. तिल : शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय दूध व जल में काले तिल डालकर कभी नहीं चढ़ाना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के मैल से हुई थी और इसे शिवजी को कभी भी अर्पित नहीं करना चाहिए. हालांकि सफेद तिल भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया जा सकता है, लेकिन उन्हें कभी भी काला तिल नहीं चढ़ाना चाहिए.

 

4. टूटे चावल : भगवान भोलेनाथ पर कभी भी टूटे चावल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि टूटा चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है. जो भी चावल अक्षत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है वह पूरा चावल होना चाहिए. ऐसे में भगवान भोलेनाथ को अक्षत अर्पित करते वक्त इस बात का पूरा ध्यान रखें कि उसमें कोई भी चावल टूट ना हो, ऐसा करने से धन के साथ-साथ मान सम्मान की भी हानि हो सकती है.

 

5. नारियल पानी : भगवान भोलेनाथ की पूजा के दौरान तो नारियल पानी चढ़ा सकते हैं, लेकिन भूलकर भी शिवलिंग के ऊपर कभी नारियल पानी नहीं चढ़ाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि नारियल देवी लक्ष्मी का प्रतीक है. जिनका संबंध भगवान विष्णु से है और नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है. यही कारण है कि नारियल पानी भी भगवान भोलेनाथ के ऊपर नहीं चढ़ाना चाहिए.

 

Maha Shivratri 20266. कुमकुम या सिंदूर: सिंदुर या कुमकुम से भगवान शिव की पूजा कभी नहीं करना चाहिए. शिव पुराण में ऐसा करने की मनाही है. ऐसा माना जाता है कि महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए सिंदूर का इस्तेमाल करती है, जबकि भगवान शिव को संहारक के रूप में जाना जाता है. इसलिए शिवलिंग पर सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता है

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