Latest Raigarh News: रायगढ़ में हरियाली की बलि अदानी प्रोजेक्ट के लिए कटे लगभग 5,000 पेड़, मचा हंगामा, देखें Video RGHNEWS पर
रायगढ़ जिले में जंगल पर चला कुल्हारी, अदानी के कोल ब्लॉक के लिए 5,000 पेड़ों की कटाई, ग्रामीणों में उबा

Latest Raigarh News: रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक के मुड़ागांव और सरैटोला गांव के सघन जंगलों में 26 और 27 जून को अदानी समूह द्वारा संचालित कोयला खदान परियोजना के लिए लगभग 2500 पेड़ों की कटाई कर दी गई। सूत्रों से यह जानकारी मिल रही है गारे-पाम्ला सेक्टर कोल ब्लॉक परियोजना के लिए एवं महाराष्ट्र की सरकारी बिजली कंपनी महागेंको (MAHAGENCO) के लिए अदानी समूह द्वारा संचालित की जा रही है।
https://youtu.be/cNG6hsBo57A?si=cdz5ygHZ0IZ3AaPN
*सुरक्षा बलों की भारी तैनाती*
पेड़ों की कटाई के दौरान लगभग 500 पुलिस बल और विशेष सुरक्षा दस्ते इलाके में तैनात किए गए है कटाई के विरोध में खड़े ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया विरोध और गिरफ्तारियां से इस पूरे अभियान के दौरान लगभग 100 से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में लिया गया, जिनमें महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार भी शामिल थीं।

*स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और मुआवज़े के वनभूमि पर बुलडोज़र चला दिया गया कानूनी प्रक्रिया और विरोध
यह मामला पहले से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनकी अनुमति के बिना ग्राम सभा की सहमति को फर्ज़ी तरीके से दिखाया गया, ताकि खनन कार्य को वैध ठहराया जा सके। “जंगल हमारा है, जीवन हमारा है” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों ने अपने पारंपरिक वन अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
https://youtu.be/cNG6hsBo57A?si=cdz5ygHZ0IZ3AaPN
*अदानी ग्रुप की तरफ से अब तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं आया है*
सरकार का दावा है कि “परियोजना राज्य और देश के ऊर्जा हित में है” और इसके बदले में प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) की योजना बनाई जा रही है।

*क्या कहते हैं स्थानीय लोग?*
Latest Raigarh News: “हमने इस जंगल को बचपन से देखा है, इसमें हमारी आत्मा है। हम इसे कंपनियों के हवाले नहीं कर सकते,” – बिनेस्वरी भगत, स्थानीय आदिवासी महिला।
https://youtu.be/cNG6hsBo57A?si=cdz5ygHZ0IZ3AaPN
“हमारी ग्राम सभा की सहमति नहीं ली गई, फिर भी कंपनी आकर मशीन लेकर जंगल साफ कर करना चालू कर दिया। यह अन्याय है।” – राजा राम सिदार, ग्रामीण



