Israel and Iran War: ईरान-इजरायल युद्ध का क्रूड ऑयल पर कितना पड़ेगा असर! क्या भारत में महंगी हो जाएंगी इन चीजों के दाम – RGH NEWS
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Israel and Iran War: ईरान-इजरायल युद्ध का क्रूड ऑयल पर कितना पड़ेगा असर! क्या भारत में महंगी हो जाएंगी इन चीजों के दाम

Israel and Iran War:इजरायल और ईरान के बीच े संघर्ष ने प ि हलचल मचा दी है, इसक परि भारत की र्थि स्थिि पड़ने की ा जताई जा रही है ि का मानना है कि ि यह टकराव लंबा चल और समुद्री व्यापार मार्गों में , तो भारत क तेल आपूर्ति र संकट सकता है, ि देश की कुल का लगभग 50 ि इसी क्षेत्र से ता है इसके अलावा, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, महंगाई भी ि सकती है

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दुनिया के लिए जरूरी है ये रास्ता

भारत में क्रूड ऑयल महंगा होने की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य हो सकता है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शुमार है. ये रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर लगभग 20 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पाद इसी रास्ते से गुजरते हैं, और भारत अपनी तेल (पेट्रोल-डीजल) आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, इराक तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से इसी मार्ग के जरिए आयात करता है.

 

क्या? रास्ता बंद हुआ तो तेल हो जाएगा महंगा

यदि इजरायल और ईरान युद्ध के चलते ये रास्ता बंद हुआ तो तेल आपूर्ति का सिलसिला बुरी तरह प्रभावित होता दिखाई देगा , जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तगड़ा उछाल आएगा जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि निश्चित हैं. हालांकि रिपोर्ट्स में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 70 से 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की बात कही जा रही है, जो पहले से ही युद्ध की आशंकाओं से बढ़ चुकी हैं.

Petrol price

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*देखे किन – किन सामानों के दाम मे हो सकती है वृद्धि *

तेल को छोड़कर , भारत का गैर-तेल निर्यात भी इस संकटग्रस्त हो सकता है. क्योंकि अनुमानों के मुताबिक.देश के कुल गैर-तेल निर्यात का 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पश्चिम एशिया के खाड़ी सहयोग परिषद देशों से जुड़ा हुआ है, जिसमें बासमती चावल, चाय, मसाले, फल-सब्जियां तथा इंजीनियरिंग और विनिर्माण उत्पाद शामिल हैं.

यदि शिपिंग मार्ग महंगे या बंद हुए, तो भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ेगी, जिससे वैश्विक बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ सकती है. इसके अलावा, कई एयरलाइंस ने क्षेत्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया है, जिससे यात्रा और माल ढुलाई दोनों प्रभावित हो रही हैं.

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