बिजनेस

FASTag: NHAI लाएगी नई टेक्नोलॉजी, FASTag में रिचार्ज ना होने पर भी कट जाएगा Toll Tax..

FASTag और टोल प्लाजा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. बता दें कि टोल प्लाजा पर लाइन को कम करने और जाम से मुक्ति पाने के लिए फास्टैग की शुरुआत की गई थी लेकिन इसके बाद फास्टैग में कभी-कभी रिचार्ज ना होने या बैलेंस कम होने की वजह से टोल प्लाजा पर लाइन लग ही जाया करती थी. ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए NHAI की ओर से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था और रिचार्ज विंडो को 70 मिनट तक के लिए खुला रखने का फैसला लिया गया था लेकिन अब NHAI की ओर से टोल प्लाजा पर लगने वाली लाइन से बचने के लिए एक और नया कदम उठाया जा रहा है. इसमें फास्टैग और बैंक खाते को जोड़ने की बात कही जा रही है, ताकि टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर लगने वाली लाइन खत्म हो.

 

कैसे मिलेगी जाम से मुक्ति?

NHAI की ओर से लोगों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए नया प्लान तैयार हो रहा है. Fastag, स्मार्ट नंबर प्लेट और बैंक को जोड़ने की तैयारी शुरू की जा रही है. इस सिलसिले में बैंकों से बात की जा रही है. HSRC (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) और बैंक खाता जुड़ने से टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं रहेगी.

 

 

ऑटो डेबिट सर्विस होगी लागू!

ऐसा बताया जा रहा है आने वाले समय में टोल प्लाजा पर ऑटो डेबिट का सिस्टम अपनाया जाएगा. बैंकों से गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग खाते को जोड़ दिया जाएगा, जिसके बाद टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं है. टोल प्लाजा पर गाड़ी की नंबर प्लेट रीड होते ही ऑटोमैटिकली फास्टैग खाते से टोल टैक्स कट जाएगा.

 

ऑटो डेबिट से टोल प्लाजा पर मूवमेंट फ्री फ्लो के साथ हो जाएगा. बता दें कि सरकार MLFF यानी कि मल्टी लेन फ्री फ्लो को लेकर आगे बढ़ रही है. सेटेलाइट टोल से पहले एमएलएफएफ से सहूलियत की तैयारी है. हालांकि ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम में डाटा प्राइवेसी सुनिश्चित करने को लेकर ग्लोबल टेंडर मंगाए गए हैं.

 

Read more Yemen Migrant Boat Sinks: बड़ा समुद्री हादसा, 4 नाव डूब ने से 180 लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी…

 

 

महीने भर बाद शुरू होने की तैयारी!

FASTagबता दें कि पहले चरण में देश के 4 लेन और उससे ज्यादा के नेशनल हाईवे पर सिस्टम को अपडेट किया जाएगा. मौजूदा समय में इस योजना पर विचार किया जा रहा है और अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स से बात की जा रही है. बैंकों के साथ बातचीत एडवांस स्टेज पर है लेकिन महीने भर बाद ये सिस्टम लागू हो सकता है.

Related Articles

Back to top button