Chhattisgarh news: बिना विरोध राज्यसभा सांसद में चुनी गई लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम.. विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र

Chhattisgarh news छत्तीसगढ़ में भाजपा के कोटे से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार चुनी गई दिग्गज महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा के लिए सांसद चुन ली गई हैं। उनका निर्वाचन निर्विरोध रहा, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। प्रदेश भाजपा की मुखर नेत्री लक्ष्मी वर्मा के सांसद चुने जाने से प्रदेश की महिलाओं में खासा उत्साह है।
सीएम-डिप्टी सीएम की मौजूदगी में नामांकन दाखिल
गुरुवार, 5 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा की मौजूदगी में उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया। मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के मुड़पार गांव की रहने वाली लक्ष्मी वर्मा पिछले तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष तक का सफर तय किया है।
पहली बार दोनों पार्टी से महिला उम्मीदवार
ऐसा पहला संयोग बना है जब राज्यसभा चुनाव के लिए पहली बार दोनों पार्टियों ने महिला को उम्मीदवार बनाया। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की पांच सीटें आती हैं। फिलहाल पांच से अब तीन सांसद महिला होंगी। हालांकि कांग्रेस की रंजीता रंजन का कार्यकाल मई में खत्म हो जाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ में अब तक पांच में से चार सांसद कांग्रेस के थे, लेकिन अब बीजेपी की संख्या बढ़ेगी। बीजेपी के सदन में दो सदस्य हो जाएंगे, जबकि कांग्रेस के तीन सदस्य रहेंगे। दोनों ही पार्टियों ने इस बार जातिगत और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशी बनाए हैं।
विधानसभा चुनाव में पार्टी ने दोनों को नहीं दिया था मौका
छत्तीसगढ़ में अनोखा समीकरण बना है कि दोनों ही महिला नेता जिन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है वह 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदार थी, लेकिन पार्टी ने दोनों को मौका नहीं दिया था। अब राज्यसभा के लिए भेजकर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है। फूलोदेवी नेताम बस्तर से आती हैं और कांग्रेस का बड़ा महिला चेहरा मानी जाती हैं। वह लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए भेजी जा रही हैं। वह छत्तीसगढ़ में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वहीं बीजेपी की लक्ष्मी वर्मा पार्टी में लंबे समय से प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रही थी। वह रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रही हैं, जबकि अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए भेजा है।
कौन हैं छत्तीसगढ़ से राज्यसभा पहुंचने वाली लक्ष्मी वर्मा?
लक्ष्मी वर्मा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1990 में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेकर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। (Lakshmi Elected Varma Rajya Sabha MP) उन्हें साल 2000 में रायपुर के तत्कालीन सांसद रमेश बैस का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ। इसके तुरंत बाद साल 2001 में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने महिलाओं को संगठित करने और पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
साल 2010 से 2014 के बीच उन्होंने भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लक्ष्मी वर्मा को 2021 से 2025 तक भाजपा छत्तीसगढ़ का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। इसी दौरान, साल 2021 से 2024 के बीच उन्होंने गरियाबंद जिले के संगठन प्रभारी और पार्टी की आधिकारिक मीडिया प्रवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया
Chhattisgarh newsआपको बता दें कि लक्ष्मी वर्मा ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण चुनावी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है। उनके सफर की शुरुआत साल 1994 में हुई, जब वह पहली बार रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 से पार्षद निर्वाचित हुईं। स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद, साल 2010 में उन्होंने रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली।



