CG Pensioners Arrear: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पेंशनर्स को मिलेगा 6 वें और 7 वें वेतन का बकाया एरियर

CG Pensioners Arrear: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के लाखों पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए लंबित एरियर भुगतान का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पेंशनरों के अधिकारों को राज्यों के बीच वित्तीय सहमति के नाम पर रोका नहीं जा सकता।
इस फैसले के बाद छठे और सातवें वेतनमान के तहत मिलने वाले एरियर को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता खत्म होती दिखाई दे रही है। फैसले को रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। पेंशनर्स संगठनों ने भी अदालत के आदेश का स्वागत किया है और सरकार से जल्द भुगतान प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
चेतन भारती की याचिका से खुला रास्ता
यह पूरा मामला चेतन भारती द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने 12 अगस्त 2021 को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पेंशनरों की समस्याओं को उठाया था। याचिका में बताया गया कि लंबे समय से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखकर पेंशन एरियर की मांग की जा रही थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह भी रखा गया कि हजारों बुजुर्ग पेंशनर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें समय पर उनका वैधानिक अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
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कोर्ट ने कानून की नई व्याख्या की
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) की विस्तृत व्याख्या की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि राज्यों के बीच वित्तीय देनदारी का विवाद अलग विषय है, लेकिन इसका असर पेंशनरों के अधिकारों पर नहीं पड़ सकता। कोर्ट ने अपने पुराने फैसलों का हवाला देते हुए डॉ. सुरेंद्र नारायण गुप्ता के मामले को भी आधार बनाया।
अदालत ने माना कि छठे और सातवें वेतनमान का लाभ पेंशनरों को मिलना चाहिए और भुगतान में देरी उचित नहीं है। इस टिप्पणी को भविष्य के कई मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
32 और 27 महीने का मिलेगा एरियर
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 1 जनवरी 2006 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को 32 महीने का एरियर मिलेगा। यह भुगतान 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की अवधि के लिए तय किया गया है।
वहीं 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 27 महीने का एरियर दिया जाएगा, जो 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि का होगा। इस फैसले से बड़ी संख्या में पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। कई कर्मचारी संगठन इसे ऐतिहासिक फैसला बता रहे हैं और कह रहे हैं कि लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार पेंशनरों को न्याय मिला है।
सरकार पर बढ़ा जल्द भुगतान का दबाव
अदालत के फैसले के बाद अब राज्य सरकार पर जल्द एरियर भुगतान करने का दबाव बढ़ गया है। पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि कई बुजुर्ग कर्मचारी वर्षों से अपने भुगतान का इंतजार कर रहे हैं और अब उन्हें बिना देरी राहत मिलनी चाहिए।
CG Pensioners Arrearआर्थिक जानकारों के मुताबिक इस फैसले से सरकार पर बड़ा वित्तीय भार पड़ सकता है, लेकिन पेंशनरों के अधिकारों को देखते हुए भुगतान टालना आसान नहीं होगा। छत्तीसगढ़ पेंशन एरियर को लेकर आया यह फैसला आने वाले समय में दूसरे राज्यों के मामलों को भी प्रभावित कर सकता है और पेंशन संबंधी विवादों में नई मिसाल बन सकता है



