Budget 2023: सस्ती होगी ऑनलाइन शॉपिंग और सर्विसेज

Budget:अगले साल पेश होने वाले आम बजट को लेकर आम आदमी से लेकर इंडस्ट्री दिग्गजों की सरकार से अपनी-अपनी आशाएं हैं. इसी कड़ी में स्टार्ट-अप उद्योग निकाय IndiaTech.org ने वर्तमान में सभी सेक्टर्स में स्टार्टअप पर लागू प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के तहत कुछ मानदंडों में बदलाव करने की मांग की है. इस निकाय ने इनमें से कुछ नियमों पर पुनर्विचार करने और इन करों के पुनर्गठन का भी सुझाव दिया है.
इन मुद्दों पर राहत देने की मांग
मनीकंट्रोल को मिली जानकारी के अनुसार, प्रत्यक्ष करों के तहत माल और सेवा कर (GST) प्राथमिक घटक है, जिनकी वजह से विशेष रूप से ट्रैवलिंग और अन्य ई-कॉमर्स सेक्टर्स में कुछ स्टार्ट-अप्स को अजीबोगरीब चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. इनमें सेंट्रल और स्टेट जीएसटी और दोनों द्वारा की जा रही जांच शामिल है. इसी मुद्दे के लिए जीएसटी प्राधिकरण, ऑनलाइन गैर-वातानुकूलित बस टिकटिंग के लिए अतिरिक्त जीएसटी का भुगतान, शादी मंडप बुकिंग के लिए उच्च जीएसटी दर, टीयर -2 और 3 शहरों में स्टोरेज के लिए प्रोत्साहन आदि मुद्दों पर राहत देने की मांग की गई है.
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इन मुद्दों पर राहत देने की मांग
Budget:मनीकंट्रोल को मिली जानकारी के अनुसार, प्रत्यक्ष करों के तहत माल और सेवा कर (GST) प्राथमिक घटक है, जिनकी वजह से विशेष रूप से ट्रैवलिंग और अन्य ई-कॉमर्स सेक्टर्स में कुछ स्टार्ट-अप्स को अजीबोगरीब चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. इनमें सेंट्रल और स्टेट जीएसटी और दोनों द्वारा की जा रही जांच शामिल है. इसी मुद्दे के लिए जीएसटी प्राधिकरण, ऑनलाइन गैर-वातानुकूलित बस टिकटिंग के लिए अतिरिक्त जीएसटी का भुगतान, शादी मंडप बुकिंग के लिए उच्च जीएसटी दर, टीयर -2 और 3 शहरों में स्टोरेज के लिए प्रोत्साहन आदि मुद्दों पर राहत देने की मांग की गई है.



