Amarnath Yatra 2026: 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, जानिए कैसे करें बाबा बर्फानी के दर्शन

Amarnath Yatra 2026 पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है। यात्रा को लेकर आईजीपी वी. के. बिर्डी ने जवानों को सतर्क और चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा बलों ने जम्मू के कठुआ से लेकर श्रीनगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं।
3 जुलाई से 57 दिवसीय पवित्र बाबा बर्फानी यानि अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। यात्रा को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में है। जहां एक तरफ प्रशासन अमरनाथ यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों ने कमर कस ली है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वी. के. बिर्डी ने सुरक्षाबलों को पूरी तरह सतर्क रहने और उच्च स्तर की परिचालन तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी सुरक्षा या लॉजिस्टिक चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। आईजीपी कश्मीर ने जोनल और सेक्टर स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान यात्रा मार्गों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बता दें कि सुरक्षा बलों ने जम्मू के कठुआ से लेकर श्रीनगर तक पहाड़ों, जंगलों, नदी-नालों, हाईवे और रेलवे ट्रैक्स पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। इसके साथ ही भारतीय सेना ने यात्रा मार्ग पर ड्रोन खतरों से निपटने के लिए ड्रोन रोधक प्रणालियां और इलेक्ट्रनिक युद्धक उपकरणों से युक्त समर्पित मानवरहित हवाई प्रणाली तैनात की गई है।
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर हाईटेक निगरानी
अमरनाथ यात्रा के प्रमुख मार्गों पर चिन्हित स्थानों पर फेस रिकग्निशन प्रणाली से लैस अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा सभी आधार शिविरों और यात्रा मार्ग के संवेदनशील बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया गया है। सेना ने यात्रा मार्ग की सुरक्षा के लिए क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और क्विक एक्शन टीम (QAT) के साथ-साथ बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और माउंटेन रेस्क्यू टीमों को भी तैनात किया है।
अधिकारियों के अनुसार, सेना ने यात्रा मार्ग और उससे सटी पहाड़ियों पर रणनीतिक मोर्चाबंदी कर ली है। जवान लगातार संबंधित क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रहे हैं, ताकि यदि कोई आतंकी छिपा हुआ हो तो उसे खोजकर निष्क्रिय किया जा सके और यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
लगातार निगरानी और सतर्कता बनाए रखने के निर्देश
आईजीपी वीके बिर्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात जवानों को नियमित रूप से ब्रीफ करें, ताकि सभी सुरक्षा कर्मी अपनी जिम्मेदारियों और मौजूदा सुरक्षा स्थिति से पूरी तरह अवगत रहें। उन्होंने लगातार निगरानी बनाए रखने और प्रभावी संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
Amarnath Yatra 2026इसके अलावा, उन्होंने सुरक्षाबलों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, संयुक्त प्रतिक्रिया तंत्र और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बिर्डी ने कहा कि ड्यूटी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, सुरक्षा बलों के जवानों को आम लोगों और यात्रियों के प्रति संवेदनशील तथा मित्रवत व्यवहार अपनाना चाहिए।



