Aadhar Card: UIDAI ने सर्वे किया शुरू, देश में 6 करोड़ मृतकों के Aadhar Card एक्टिव... – RGH NEWS
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Aadhar Card: UIDAI ने सर्वे किया शुरू, देश में 6 करोड़ मृतकों के Aadhar Card एक्टिव…

Aadhar Card देश में जनवरी 2009 में आधार कार्ड लागू हुआ था। हर नागरिक को आधार नंबर जारी करने की शुरुआत के 15 साल हो चुके हैं। इस दौरान 142 करोड़ से अधिक आधार कार्ड जारी हुए, लेकिन 8 करोड़ से ज्यादा धारकों की मौत के बावजूद 1.83 करोड़ कार्ड ही निष्क्रिय हो पाए हैं।

 

 

करीब 6 करोड़ मृतकों के आधार अभी सक्रिय हैं। पश्चिम बंगाल में लगभग 34 लाख आधार कार्ड धारकों की मौत हो चुकी है। हालांकि, उनके आधार कार्ड अब भी एक्टिव हैं। इससे बैंक फ्रॉड, फर्जी खातों और सरकारी योजनाओं के लाभ में गड़बड़ी जैसी आशंकाएं बढ़ गई हैं।

 

यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI के CEO भुवनेश कुमार के मुताबिक भारत के महापंजीयक (RGI) से अब तक UIDAI को 1.55 करोड़ मृतकों का डेटा मिला है। नवंबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच 38 लाख और मृतकों की सूची जुड़ी।

 

इनमें 1.17 करोड़ की पहचान पुष्ट हुई है और उनके आधार कार्ड निष्क्रिय कर दिए गए हैं। प्राधिकरण का अनुमान है कि दिसंबर तक 2 करोड़ कार्ड निष्क्रिय हो जाएंगे। UIDAI ने चार महीने पहले वेबसाइट पर मृत्यु सूचना पोर्टल शुरू किया ताकि परिजन मृतक का आधार ऑनलाइन निष्क्रिय करा सकें।

 

अब तक केवल 3,000 लोगों ने यह जानकारी दर्ज की है, जिनमें से 500 मामलों में ही पुष्टि हो सकी और उनके कार्ड निष्क्रिय किए गए हैं।

 

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UIDAI के CEO बोले- मृत्यु का पंजीकरण अब भी बेहद कैजुअल है

 

भुवनेश कुमार ने कहा, आधार की शुरुआत 2010 में हुई। वहीं, 2016 के बाद से करीब 8 करोड़ आधार धारकों की मृत्यु का अनुमान है। सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम से केवल 25 राज्यों के आंकड़े मिलते हैं। बाकी राज्यों से डेटा जुटाने का काम जारी है।

 

उन्होंने आगे बताया कि जब आधार जारी होना शुरू हुआ तो देश में सालाना मौतें करीब 56 लाख थीं। बढ़ते-बढ़ते आंकड़ा 85 लाख पहुंच गया। इसलिए हम 2016 से अब तक आठ करोड़ मौत मान रहे हैं। मृत्यु का पंजीकरण अब भी बेहद कैजुअल है।

 

48 लाख रिकॉर्ड का मिलान नहीं; 80 मृतक जिंदा

 

Aadhar Cardकरीब 48 लाख नामों का मिलान अब तक नहीं हो पाया है। इनमें से 4–5% रिकॉर्ड क्षेत्रीय भाषा में दर्ज जानकारी के कारण मैच नहीं हो सके।

इस प्रक्रिया में 80 ऐसे मामले सामने आए जिनमें मृत घोषित किए गए लोग बाद में जिंदा पाए गए। अब इन मामलों की जांच चल रही है।

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