CA और CS की बढ़ेंगी मुश्किलें! वित्त मंत्रालय ने नोटिफाई किए नियम – RGH NEWS
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CA और CS की बढ़ेंगी मुश्किलें! वित्त मंत्रालय ने नोटिफाई किए नियम

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने अकाउंटेंट्स पर नजर रखने के लिए नियमों को सख्त बनाने की पहल की है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के एक हालिया नोटिफिकेशन में एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून का दायरा बढ़ा दिया गया है. चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कंपनी सचिव (CS) और कॉस्ट अकाउंटेंट (Cost Accountants) को अब अपने क्लाइंट्स की तरफ से कुछ खास तरह के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन करने के लिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जवाबदेह ठहराया जा सकता है.

वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन में सीए, सीएस और कॉस्ट अकाउंटेंट को 5 तरह के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए पीएमएलए के दायरे में रखने की जानकारी दी. इसके मुताबिक अपने क्लाइंट्स की तरफ से बैंक अकाउंट्स का मैनेजमेंट और उनकी प्रॉपर्टीज की खरीद-बिक्री पर पीएमएलए कानून के दायरे में उनकी भूमिका को परखा जाएगा.

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हाल ही में वित्त मंत्रालय ने जारी किया है नोटिफिकेशन
गत 3 मई को जारी इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, अचल संपत्ति की खरीद और बिक्री के अलावा ग्राहकों के पैसे, सिक्योरिटीज या अन्य संपत्तियों के मैनेजमेंट, बैंक, सेविंग्स या सिक्योरिटीज अकाउंट के मैनेजमेंट, कंपनियों के निर्माण, परिचालन या प्रबंधन के लिए अंशदान की देखरेख और कंपनियों, एलएलपी या ट्रस्ट के गठन, परिचालन या मैनेजमेंट के साथ कारोबारी इकाइयों की खरीद और बिक्री से संबंधित फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पीएमएलए के दायरे में रखे गए हैं.

ग्राहक एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट दोनों ही समान रूप से जिम्मेदार
इस नोटिफिकेशन में यह भी साफ किया गया है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट अपने क्लाइंट्स के साथ खुद भी पीएमएलए एक्ट, 2002 के तहत सजा एवं जुर्माने के लिए समान रूप से उत्तरदायी होंगे. सूत्रों के मुताबिक, ‘अगर पीएमएलए कानून के प्रोविजन लागू होते हैं तो ग्राहक एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट दोनों ही समान रूप से जिम्मेदार होंगे. चार्टर्ड अकाउंटेंट को अगर लगता है कि किसी लेनदेन में मनी लॉन्ड्रिंग प्रोविजन का उल्लंघन हुआ है तो अब वह रेगुलेटर को इसकी जानकारी दे सकता है.’

लेनदेन की जानकारी देने वाले सूत्र बन गए हैं चार्टर्ड अकाउंटेंट
चार्टर्ड अकाउंटेंट बॉडी आईसीएआई (ICAI) ने एक बयान में कहा कि इस नोटिफिकेशन के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट अब खास तरह के लेनदेन की जानकारी देने वाले सूत्र बन गए हैं. लेकिन इस भूमिका के लिए उन्हें सभी लेनदेन से जुड़े ग्राहकों का केवाईसी रखने के अलावा पूरा रिकॉर्ड भी रखना होगा. आईसीएआई ने कहा कि वह अपने सदस्यों को इस बदलाव के अनुरूप ढालने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा. संगठन ने कहा, ‘आईसीएआई अधिकारियों एवं रेगुलेटर्स के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा ताकि इन बदलावों को सही परिप्रेक्ष्य में लागू किया जा सके.

पीएमएलए प्रोविजन को लगातार सख्त बनाने में जुटी है सरकार
सरकार कालेधन पर लगाम लगाने के लिए पीएमएलए प्रोविजन को लगातार सख्त बनाने में जुटी है. मार्च में भी वित्त मंत्रालय ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए अनिवार्य कर दिया था कि वे राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन का ब्योरा रखें

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