MSP स्टील एंड पावर लिमिटेड के डायरेक्टर, GM, AGM, फैक्ट्री मैनेजर एवं अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और सबूत छुपाने के अपराध के तहत FIR दर्ज, पढ़ें पूरी खबर

RGHNEWS प्रशांत तिवारी रायगढ़। इस वक्त की बड़ी खबर यहां जिले के एक बड़े उद्योग MSP स्टील एंड पावर लिमिटेड जामगांव प्रबंधन पर चक्रधर नगर थाना पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पिछले हफ्ते पहले करंट लगने से वहां एक मजदूर की मौत हो गई थी। जिसकी जांच के बाद चक्रधर नगर पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर कारखाना प्रबंधक एचआर सुरक्षा प्रबंधक एवं अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304(2), 201, 34, विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 146,149 के तहत अपराध दर्ज किया है। रायगढ़ जिले पर कई उद्योग कल कारखाने हैं। जहां हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। दुर्घटनाएं भी होती हैं मगर इतनी बड़ी कार्यवाही बहुत ही कम देखने और सुनने को मिलती है।
घटना दिनांक 14 जुलाई की सुबह 08:30 बजे घटना की जानकारी होने पर MSP स्टील एण्ड पावर प्लांट के HR विभाग के अधिकारी राकेश त्रिपाठी, सेफ्टी अधिकारी फिरोज खान, रमाशकर सिंह, कपनी का सुरक्षा अधिकारी बीके. सरकार वगेरह मोके पर आ गये। मौके पर उपस्थित उपरोक्त अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक विभाग के इंजीनियर जीवन पटेल एबं उसके अधिनस्थ सहकर्मी इलेक्टीशियन गजानद प्रधान, सन्यासी. नितेश कुमार पटेल से पावर सप्लाई चालूकर घटना स्थल को चेक करवाया गया। उस वक्त हाल के छत में लगे लोहे के स्ट्रक्चर पाईप, दिवाल एवं वह तार जिसमे रोहित चिपक गया था। उसमे करेंट मौजूद था।
सम्पूर्ण मर्ग जांच पर कारखाना प्रबंधक वीके. सिंह एलआर. प्रभारी राकेश कुमार सिंह तया जीएम. इलेवट्रीक्ल रमाशंकर सिंह एवं MSP स्टील एण्ड पावर लिमि. जामगांव के निदेशक का कृत्य विद्युत आपूर्ति एबं सुरक्षा के उपाय विनियम 2003 नये नियम 2010 के नियम 5, 12, 14, 16. 26, 28 35(2). 42 का उल्लंघन किया गया एवं आरोपियों द्वारा जानते हुए भी असुरक्षित विद्युत वायरिंग सुविधा उपलब्ध कराकर विद्युत का इस्तेमाल करवाया जा रहा था।
संपूर्ण जांच पर कारखाना प्रबंधक वीके. सिंह, HR प्रभारी राकेश कुमार सिंह, GM इलेवट्रीक्ल रमाशंकर सिंह तथा AGM एचआर राकेश त्रिपाठी. सामान्य सुरक्षा अधिकारी फिरोज अहमद, सुरक्षा अधिकारी पी.के. सरकार एबं MSP स्टील एण्ड पावर लिमि. जाममांव कम्पनी के निदेशक व अन्य का वृज्य अपराध धारा 304 (02), 201, 34 भादवि. एवं भारतीय विद्युत अधिनियम कीं धारा 146. 149(1 ) (2) के अंतर्गत पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया



