स्वास्थ्य

गेहूं के बजाय मोटे अनाज को बनाए रूटीन का हिस्सा, जानें क्या है इसके फायदे

Bajra and jow:गेहूं के आटे की जगह अगर ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी से बनने वाले मोटे अनाज का सेवन करके सेहतमंद रहना आसान होता है. यहां हम आपको एक्सपर्ट की मदद से बताने जा रहे हैं कि किस तरह मोटा अनाज नॉर्मल आटे से बेहतर होता है.

पेट को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर का इंटेक जरूरी है और मोटे अनाज का सबसे बड़ा फायदा है कि इसमें इस न्यूट्रिएंट्स की मात्रा ज्यादा होती है. पेट को हेल्दी रखने के लिए मल्टी ग्रेन को रूटीन में शामिल करें. वैसे कुछ लोग इसमें चावल को भी शामिल करते हैं.

डॉ. कैंथ बताते हैं कि इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है. मोटे अनाज का रोजाना सेवन करने से हाई बीपी और दिल संबंधित समस्याएं हमसे दूर रहती हैं.

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डॉ. कैंथ कहते हैं कि मोटे अनाज को नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से शरीर एक्टिव रहता है और कई बैक्टीरिया जनित बीमारियों का रिस्क भी कम होता है.

Bajra and jow:डॉ. कैंथ के अनुसार मोटा अनाज हड्डियों के लिए भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्व काफी मात्रा में पाए जाते हैं. बच्चों और बुजुर्गों को मोटे अनाज से बनाए जाने वाले आटे का सेवन जरूर करना चाहिए.

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