*✍️क्या सभी पंचायतों से जनपद पंचायत को दिया जाता है 10% रिश्वत, खैरपुर पंचायत में तो कुछ ऐसा है हाल✍️*

RGH NEWS प्रशांत तिवारी रायगढ़। जिले में पंचायतों की ओर से जनपद पंचायत को 10% राशि बतौर रिश्वत देनी पड़ रही है इस बात की शिकायत रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह से की गई है। दरअसल यह बात किसी से छिपी नहीं है कि सरकारी कामों में स्वीकृत फंड का काफी हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। कलेक्टर भीम सिंह को जो पेनड्राइव सौंपा गया है उसमें पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से जनपद पंचायत को 10% राशि रिश्वत के तौर पर दिए जाने की बात कहीं गई है। अब यह कलेक्टर के ऊपर है कि वह इस शिकायत को महज औपचारिक समझ कर टाल देते हैं या इसकी जांच करा कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को सजा देते हुए सिस्टम में सुधार करते हैं।
यह पूरा माजरा रायगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत खैरपुर का है। यहां जब एक जनप्रतिनिधि ने पंचायत की ओर से खर्च किए जा रहे भारी-भरकम राशि का ब्यौरा मांगा तो उसे यह कहा गया कि जो राशि भी यहां मिली है उसमें से जनपद पंचायत को 10% राशि रिश्वत के तौर पर देनी पड़ी है।
उपसरपंच चंदा गुप्ता ने खड़ा किया सिस्टम पर सवाल
छत्तीसगढ़ी फिल्मों में अभिनय कर चुकी चंद्र गुप्ता राजनीति में अपनी पारी आजमाने खैरपुर ग्राम पंचायत की उप सरपंच बनी है। उन्होंने जब देखा कि सरपंच श्याम सुंदर मनमानी तौर पर रुपयों का आहरण बिना निर्माण कार्य किए कर रहे हैं तो उन्होंने सरपंच और सचिव से सवाल करना शुरू कर दिया। उन्हें हैरान करने वाले जवाब मिले हैं। जिन्हें हम क्रमशः आने वाले अंकों में बताएंगे, जिससे वर्तमान में पंचायतों की वास्तविक तस्वीर आपके सामने आ जाएगी। यह पता चल जाएगा कि वास्तव में पंचायती राज व्यवस्था रायगढ़ में किस प्रकार की चल रही है। कितनी राशि पंचायतों के नाम पर आती है और कितनी राशि का सदुपयोग वास्तविक तौर पर हो पाता है इस बात का पूरा ब्यौरा हम आपको अगले अंकों में जरूर देंगे।
सरपंच पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप
खैरपुर ग्राम पंचायत के लोगों ने एक-एक जनप्रतिनिधि को काफी परखने के बाद अपना नेता चुना था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि सरपंच के रूप में वह जिस नेता को चुन रहे हैं वही विकास कार्यों के नाम पर चूना लगा देगा। बताया जाता है कि सरपंच जिंदल स्टील एंड पावर उद्योग में पर्यावरण विभाग का डिप्टी मैनेजर है। लोगों ने इन्हें इसी उम्मीद से चुना था कि गांव का भला हो जाएगा लेकिन यहां तो बिना निर्माण किए ही लंबी चौड़ी राशियां आहरित की जा रही है। आरटीआई और शिकायत में जो जानकारी सामने आई है वह काफी हैरान करने वाली है।



