ब्रिज हादसे के दर्दनाक VIDEO टूटे पुल पर जान अटकी थी कोई तैरकर बच आया, तो कोई कंधे पर लाश लिए भाग रहा था – RGH NEWS
देश

ब्रिज हादसे के दर्दनाक VIDEO टूटे पुल पर जान अटकी थी कोई तैरकर बच आया, तो कोई कंधे पर लाश लिए भाग रहा था

गुजरात के मोरबी में रविवार को सस्पेंशन ब्रिज हादसे में कई परिवार बर्बाद हो गए। शाम करीब साढ़े छह बजे से पहले सब ठीक था। फिर कुछ ही पल में मच्छू नदी पर बना 143 साल पुराना यह ब्रिज अचानक टूटा और करीब 500 लोग नदी में जा गिरे। बचाओ-बचाओ की पुकार और चारों तरफ अफरा-तफरी।

नदी से कुछ लोग तैरकर बाहर आ गए। कुछ ने बहुतों को निकाला भी। इस दौरान कई लोग टूटे ब्रिज पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे। कुछ लाश लिए अस्पताल की ओर दौड़ रहे थे। चंद लम्हों में बस लोगों की आवाज और लाशों का ढेर दिख रहा था। आइए 5 वीडियो में देखते हैं पूरा वाकया…

3. प्रशासन ने घड़ी-बल्ब बनाने वाली कंपनी के जिम्मे ही छोड़ दिया पुल?
मोरबी का यह ऐतिहासिक पुल शहर की नगर पालिका के अधिकार में था। नगर पालिका ने इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी अजंता ओरेवा ग्रुप ऑफ कंपनीज को सौंपी थी। यह इलेक्ट्रॉनिक घड़ियों, कैलकुलेटर, घरेलू उपकरणों और एलईडी बल्ब बनाने वाली कंपनी है। ओरेवा ने ही देश में सबसे पहले एक साल की वारंटी के साथ एलईडी बल्ब बेचने की शुरुआत की थी।

नगर पालिका के CMO संदीप सिंह झाला ने माना कि मरम्मत के दौरान कंपनी के कामकाज की निगरानी के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। यानी पूरी तरह से कंपनी के ऊपर छोड़ दिया गया कि वह पुल को कैसे और किससे बनवाती है और कब चालू करती है?

4. कहीं चेतावनी या सूचना बोर्ड ही नहीं, तो लोगों को कैसे पता चलेगा कि ब्रिज की क्षमता कितनी?
ओरेवा कंपनी से अगले 15 साल यानी 2037 तक के लिए पुल की मरम्मत, रख-रखाव और ऑपरेशन का समझौता किया गया था। पुल पर कंपनी के नाम का बोर्ड तो मौजूद था, लेकिन क्षमता को लेकर दोनों छोरों पर कोई सूचना या चेतावनी नहीं लिखी गई थी।

जानकारी मिली है कि पुल पर जाने के लिए बड़ों से 17 और बच्चों से 12 रुपए का टिकट वसूला जा रहा था। ओरेवा कंपनी ही टिकट के पैसे वसूल रही थी, लेकिन टिकट चेक करने के लिए दोनों सिरों पर खड़े गार्ड्स ने लोगों की संख्या को चेक नहीं किया।

Related Articles

Back to top button