*✍️जूटमिल थाना प्रभारी अमित शुक्ला ने दिखाया मनावता का मिसाल,वर्दी में भी होती है इंसानियत✍️*

RGH NEWS प्रशांत तिवारी शहर का एक बैरियर ऐसा है जहां दूरदराज से आने वाले भूख और बेचैनी से भरे हुए अतिथि श्रमिकों के चेहरे खिल उठते हैं और इस सुखद दृश्य की सबसे खास वजह थाना प्रभारी अमित शुक्ला और उनकी टीम है जो दिन रात इस अंतरराज्जीय बैरियर जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर पर है, इस बैरियर पर समर्पण और सेवा भाव से श्रमिकों के लिए काम कर रहे हैं।

क्या कहते है जुटमिल थाना प्रभारी अमित शुक्ल
जूटमिल थाना प्रभारी अमित शुक्ला ने बताया कि काफी दूरदराज से मजदूर यहां आते हैं। यदि आप उनसे दो मीठे बोल बोलकर उनकी व्यवस्था करते हैं तो उनकी थकान दूर हो जाती है। उनके मुरझाए हुए चेहरे खिल जाते हैं। आने वाले रंगों में उनका परिवार महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग सभी होते हैं कई दिनों की यात्रा के बाद वह यहां पहुंचते हैं ऐसे में उनका पूरा ख्याल रखा जाता है उनके स्वास्थ्य से लेकर खाने-पीने की व्यवस्था और उन्हें उनके गंतव्य तक भिजवाने की व्यवस्था का दायित्व रायगढ़ पुलिस की ओर से सौंपा गया है। इस काम में किसी प्रकार की कोताही ना हो इस पर वह विशेष ध्यान दे रही हैं। और स्वयं के साथ-साथ पूरे टीम को नियम कानून का पालन करते हुए अतिथि श्रमिकों को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
प्रवासी श्रमिकों के लिए बिस्कुट ORS और पानी नाश्ता की व्यवस्था कर रहे हैं
रेंगालपाली बैरियर पर पर्याप्त मात्रा में सूखा नाश्ता उपलब्ध रहता है । यहां पर जब भी प्रवासी श्रमिक पहुंचते हैं तो उनकी भूख मिटाई जाती है। कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि यह श्रमिक कई दिनों से कुछ भी नहीं खाए क्योंकि रास्ते में उन्हें ऐसा कुछ खाद्य सामग्री नसीब ही नहीं हुआ है। इस बैरियर पर आकर उनका सामना मानवता से होता है और चेहरे खिल उठते



