Twin Tower:ट्विन टावर गिरने का काउंट डाउन शुरू,जानें ब्लास्ट के बाद क्या-क्या होगा?

Twin Tower: नोएडा के सेक्टर-93ए में भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़े सुपरटेक के ट्विन टावर्स (एपेक्स और सियान) को आज रविवार दोपहर ढाई बजे ध्वस्त कर दिया जाएगा. इसके लिए इन टावरों में 9,640 छेद कर 3700 किलोग्राम बारूद भरा गया है. देश में पहली बार इतना बड़ा ब्लास्ट किया जा रहा है. इस बीच हर किसी के जहन में कई सवाल उठ रहे हैं कि ध्वस्तिकरण के बाद निकलने वाले मलबे का क्या होगा और उसे हटाने में कितना समय लगेगा, साथ ही इससे होने वाले वायु प्रदूषण से कैसे निपटा जाएगा. तो आइए आपको बताते हैं इससे जुड़ी अहम बातें-
जानकारों की मानें तो ध्वस्तीकरण के बाद इससे 55,000 से 80,000 टन तक मलबा निकलेगा. जिसे हटाने में कम से कम 3 महीने का समय लगेगा. इतना ही नहीं, जैसे ही धमाका होगा इससे हवा में कंक्रीट की धूल का बड़ा गुबार उठेगा, जो आसपास के इलाकों पर छा जाएगा. इससे बड़ा वायु प्रदूषण होने की संभावना है. हालांकि इससे निपटने के लिए नोएडा प्राधिकरण द्वारा कई तरह की तैयारी कई गई हैं, ताकि धूल ज्यादा देर तक हवा में न रह सके. साथ ही आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों के लिए भी गाइडलाइन जारी की गई है.
![]()
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक ध्वस्तीकरण के बाद आसपास के इलाके में धूल और कंक्रीट से निपटने के लिए पानी के 100 टैंकर तैनात किए जाएंगे. इस दौरान 15 एंटी स्मॉग गन, 6 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन, लगभग 200 सफाई कर्मचारी और 20 ट्रैक्टर ट्रॉली तैनात की जाएंगे. इस दौरान आसपास के क्षेत्र में मौजूद पेड़-पौधों पर भी जमने वाले धूल को तुरंत हटाया जाएगा. इसके लिए उद्यान विभाग को भी निर्देशित किया गया है. वहीं प्राधिकरण द्वारा आने वाले कई दिनों तक आसपास के इलाके में पानी का छिड़काव किया जाएगा.
6 स्थानों पर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित
ट्विन टावरों के गिराए जाने के बाद आसपास के इलाके में होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 6 स्थानों पर मैनुअल एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए हैं. जिनके जरिए वायु गुणवत्ता पर निगरानी रखी जाएगी. वहीं इससे निपटने के लिए भी हर तरह की तैयारी कर ली गई है.
इन क्षेत्रों के लोगों से मास्क पहनने की अपील
नोएडा प्राधिकरण ने धूल के प्रभाव से बचने के लिए ध्वस्तीकरण के आसपास के इलाके के लोगों को कुछ घंटों तक मास्क आवश्यक रूप से पहनने की अपील की है. गाइडलाइन के मुताबिक पार्श्वनाथ प्रेस्टीज एवं पार्श्वनाथ सृष्टि सोसायटी, गेझा गांव, सेक्टर-92, 93, 93ए, 93बी आदि क्षेत्र में पहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधित रोगियों को एहतियात के तौर पर मास्क पहनने को कहा गया है.
कंट्रोल रूप की भी स्थापना
प्राधिकरण में एक कन्ट्रोल रूम की भी स्थापना की गई है. जहां ध्वस्तिकरण के बा किसी भी प्रकार की समस्या से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. कंट्रोल रूम में अधिकारी आपदा प्रबंधन की टीम और अस्पतालों के सम्पर्क में रहते हुए आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित करेंगे. कन्ट्रोल रूम 28 अगस्त 2022 को प्रातः 6.00 बजे से लेकर 30 अगस्त 2022 तक 24×7 संचालित रहेगा. कन्ट्रोल रूम में 0120-2425301, 0120-24215302, 0120-2425025 नंबरों पर शिकायक दर्ज कराई जा सकती है.
Indian Railway रेलवे ने लिया बड़ा फैसला,
ट्विन टावर गिराने में खर्च होंगे 17 करोड़ से अधिक
जानकारी के मुताबिक ट्विन टावर्स को गिराने में करीब 17.55 करोड रुपए का खर्च आने का अनुमान है. जिसे बिल्डर से वसूला जाएगा. इन 2 टावर्स को बनाने में सुपरटेक बिल्डर ने करीब 200 से 300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. वहीं इन्हें गिराने का आदेश जारी होने से पहले तक इन टावरों में बने फ्लैट्स की मार्केट वैल्यू बढ़कर 700 से 800 करोड़ तक पहुंच चुकी थी. ये वैल्यू तब है जबकि विवाद बढ़ने से इनकी वैल्यू घट चुकी थी. रियल एस्टेट के जानकारों का मानना है कि इस इलाके में 10 हज़ार रुपए प्रति वर्ग फीट का रेट है. इस हिसाब से बिना किसी विवाद के इन टावर्स की बाज़ार कीमत 1000 करोड़ के पार निकल गई होती.



