धोनी का संन्यास इन 4 खिलाड़ियों के लिए बन गया अभिशाप

नई दिल्ली: महेंद्र सिंह ने अपनी कप्तानी में कई खिलाड़ियों की खोज की और उन्हें दुनिया का बेहतरीन खिलाड़ी बनाया. धोनी न केवल अपनी कप्तानी से खिलाड़ियों की मदद करते थे बल्कि विकेट के पीछे से भी उन्हें टिप्स देते थे.
ऐसे कई युवा खिलाड़ी हैं, जिनकी धोनी ने बहुत मदद की और उन्होंने आगे चलकर टीम को कई मैच जिताए, लेकिन उनके संन्यास लेते ही ये खिलाड़ी गुमनाम हो गए.
सबसे पहले खिलाड़ी हैं कुलदीप यादव
कुलदीप यादव खुद कहते हैं कि उन्होंने जितने भी इंटरनेशनल विकेट चटकाए हैं उनमें धोनी का सबसे बड़ा रोल है. धोनी विकेट के पीछे रहकर बल्लेबाजों की कमी भांप लेते थे और कुलदीप को उससे अवगत कराते थे. कुलदीप की गेंदों पर धोनी ने अपनी चपल विकेटकीपिंग से उन्हें कई विकेट दिलाए. हालांकि 15 अगस्त 2020 को धोनी के संन्यास के बाद से कुलदीप की चमक फीकी पड़ गई और वे टीम इंडिया से बाहर कर दिए गए.
कुलदीप ने खुद स्वीकार किया था कि ‘मुझे अभी उनकी सलाह की काफी कमी महसूस होती है. उनके पास काफी अनुभव था. वह विकेट के पीछे से हमें गाइड करते थे.’
ये आंकड़ा धोनी की अहमियत समझाने के लिए पर्याप्त है. धोनी के रहते हुए कुलदीप यादव ने कुल 47 वनडे खेले और 91 विकेट चटकाए जबकि उनकी गैर मौजूदगी में 16 एकदिवसीय मैच खेले और 14 विकेट ही ले सके.
केदार जाधव की भी वापसी नामुमकिन
केदार जाधव ने बेहद कम समय में टीम इंडिया में अपनी जगह बना ली थी. उन्होंने धोनी ही टीम में लेकर आए थे. केदार ने उनकी कप्तानी में बॉलिंग भी की जिससे उन्हें टीम का हरफनमौला खिलाड़ी कहा जाने लगा था. इस दौरान वो टीम इंडिया को कुछ जरूरी ब्रेकथ्रू भी दिला देते थे.
इसके अलावा उनकी फिनिशिंग स्किल्स भी टीम इंडिया के लिए काफी ज्यादा मददगार रही थी. धोनी के संन्यास के बाद कोहली से उन्हें उतना सपोर्ट नहीं मिला और वे टीम से बाहर हो गए. केदार 36 साल के हो चुके हैं और अब उन्हें टीम में जगह नहीं मिल सकती. केदार ने भारत के लिए 73 वनडे और 9 टी20 मैच खेले.
युजवेंद्र चहल का भी संघर्ष जारी
एमएस धोनी के जाने का कम नुकसान युजवेंद्र चहल को भी नहीं हुआ. कुलदीप की तरह धोनी ने उनकी भी खूब मदद की लेकिन धोनी के टिप्स न मिलने से उन्हें खूब मार भी पड़ने लगी. अब वे टीम इंडिया के परमानेंट स्पिनर का स्थान खो चुके हैं.
2017 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद श्रीलंका दौरे के लिए अचानक आर अश्विन और रवींद्र जडेजा को बाहर करके चहल और कुलदीप यादव को टीम में मौका दिया गया. यजुवेंद्र चहल ने महेंद्र सिंह धोनी की उपस्थिति में 46 वनडे खेले और 81 विकेट लिये. धोनी की गैर मौजूदगी में चहल को 9 मुकाबलों में केवल 12 की विकेट मिल सके. धोनी के बिना चहल तब इसी साल श्रीलंका के खिलाफ उतरे, तो उन्होंने खूब रन लटाए.
मनीष पांडे का इंटरनेशनल करियर खत्म
विराट कोहली के साथ 2008 का अंडर 19 विश्वकप जीतने वाले मनीष पांडे भी धोनी की खोज थे. हालांकि 2016 में धोनी की कप्तानी जाने के बाद से वे उपेक्षित किए जाने लगे. उन्होंने 2016 में धोनी की कप्तानी में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 104 रन बनाकर शानदार जीत दिलाई थी.
इस साल श्रीलंका के खिलाफ तीनों वनडे में मनीष पांडे को मौका दिया गया लेकिन वो खुद को साबित नहीं कर सके. तीसरे वनडे में भी वो 19 गेंदों में 11 रन बनाकर आउट हो गए. पहले और दूसरे मैच में भी वो फेल हुए थे. उन्होंने 26 रन और 37 रन बनाए थे. कोहली की कप्तानी में पांडे को खूब अंदर बाहर किया गया जिससे उनकी लय बिगड़ गई.


