रोहित-कोहली के फेर में फंसी टीम इंडिया!

टी-20 वर्ल्डकप खत्म होने के बाद और साउथ अफ्रीका दौरे के लिए टीम का ऐलान होने से भारतीय क्रिकेट में एक अजीब-सी बहस छिड़ गई है. ये बहस एक बार फिर लीडरशिप को लेकर है, जो हर दिन के साथ बढ़ती जा रही है. विराट कोहली ने टी-20 वर्ल्डकप के बाद कप्तानी छोड़ दी, रोहित शर्मा को टी-20 फॉर्मेट का कप्तान बना दिया गया. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने भारतीय क्रिकेट में भूचाल ला दिया.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने टी-20 के बाद वनडे टीम का कप्तान बदलने का भी फैसला किया. अध्यक्ष सौरव गांगुली की ओर से तर्क दिया गया कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में अलग-अलग लीडरशिप होना गलत है. ऐसे में साउथ अफ्रीका दौरे के लि टीम इंडिया की टेस्ट टीम का जब ऐलान हुआ, तब एक हैरान करने वाला फैसला हुआ. BCCI ने विराट कोहली को वनडे की कप्तानी से हटा दिया और टी-20 के साथ-साथ वनडे की कमान भी रोहित शर्मा के हाथ में दे दी.
विराट बनाम रोहित की जंग?
विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच अनबन की खबरें लंबे वक्त से आ रही हैं, साल 2018 से ऐसा होना शुरू हुआ और अबतक हो ही रहा है. लेकिन जिस तरह विराट को कप्तानी से हटाकर रोहित को कमान दी गई, उसके बाद इस बवाल का बढ़ना लाजिमी था. इसी विवाद के बीच रोहित शर्मा को चोट लग गई और वो साउथ अफ्रीका में होने वाली टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए. यानी विराट कोहली की कप्तानी में होने वाली टेस्ट सीरीज से उप-कप्तान रोहित शर्मा बाहर हो गए.
रोहित शर्मा के बाहर होने के बाद एक और झटके वाली खबर आई, जिसमें दावा किया गया कि विराट कोहली साउथ अफ्रीका में होने वाली वनडे सीरीज में नहीं खेलेंगे. वजह ये है कि विराट कोहली की बेटी वामिका का जन्मदिन 11 जनवरी को है, उस वक्त विराट कोहली टेस्ट सीरीज में बिज़ी होंगे. ऐसे में वो उस सीरीज़ के बाद ब्रेक लेना चाहते हैं. हालांकि, अभी के लिए BCCI ने ऐसी खबरों का खंडन कर दिया है.
खैर, विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच चल रही इन अटकलों, खींचतान से इतर भारतीय क्रिकेट एक अलग तरह की अधर में फंस गया है. जहां अलग-अलग फॉर्मेट के कप्तान बने हैं, उनके अलग-अलग ग्रुप हो गए हैं और मैदान से बाहर फैंस भी आपस में भिड़े हुए हैं. ऐसे में सवाल ये उठता है कि बीसीसीआई के पास इससे अलग रास्ता क्या है?
दरअसल, एक तर्क ये भी है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ही 30 की उम्र को पार कर चुके हैं, ऐसे में अगर लंबे वक्त के प्लान के हिसाब से चलना है तो बीसीसीआई को एक ऐसे लीडर को तैयार करना होगा जो आने वाले 5-7 साल तक टीम इंडिया की अगुवाई कर सके. ऐसे में दो-तीन प्लेयर्स के नाम सामने आते हैं, जो आने वाले वक्त में टीम इंडिया की कमान संभालते हुए दिख सकते हैं. लेकिन उनमें से किसका चयन होगा, इसपर नज़र रखनी होगी.
केएल राहुल:
कर्नाटक से आने वाले राहुल ऐसे खिलाड़ी हैं, जो तीनों फॉर्मेट में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही लगातार टीम इंडिया का हिस्सा हैं, केएल को हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में उप-कप्तान बनाया गया था. ऐसे में भविष्य के लीडर के तौर पर उनका नाम सबसे पहले आना लाजिमी है. केएल राहुल अभी तक आईपीएल में पंजाब किंग्स की कमान भी संभाल रहे थे, भले ही उनकी टीम बेहतर ना कर पाई हो लेकिन उनकी कप्तानी, बल्लेबाजी पर किसी ने सवाल खड़े नहीं किए.
ऋषभ पंत:
महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारतीय टीम में विकेटकीपिंग का जिम्मा संभालने वाले ऋषभ पंत ने पिछले एक-दो साल में काफी नाम कमाया है. एक वक्त पर उनपर सवाल खड़े होते थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे ने सबकुछ बदल दिया. बतौर बल्लेबाज ऋषभ का प्रदर्शन बेहतर हुआ है, बतौर विकेटकीपर भी उनकी गलतियां अब कम होने लगी हैं.
लेकिन आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करना ऋषभ के लिए फायदेमंद साबित हुआ. क्योंकि उनकी कप्तानी में दिल्ली की टीम फाइनल में पहुंची, ऋषभ की तारीफ होने लगी और उनके भीतर छुपा हुआ एक लीडर सभी के सामने आ गया. हर किसी को हैरानगी तब हुई, जब दिल्ली कैपिटल्स ने बतौर लीडर श्रेयस अय्यर की जगह ऋषभ पंत को तवज्जो देना शुरू कर दिया. जिससे साफ हो गया कि ना सिर्फ फ्रेंचाइजी क्रिकेट बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऋषभ को भविष्य का लीडर माना जा सकता है.
श्रेयस अय्यर:
ऋषभ पंत से पहले दिल्ली कैपिटल्स की अगुवाई श्रेयस के हाथ में ही थी. टी-20 और वनडे के बाद अब टेस्ट क्रिकेट में भी श्रेयस अय्यर ने शानदार प्रदर्शन किया है, उनके पास उम्र भी है ऐसे में टीम इंडिया में उनका भविष्य उज्जवल है. आईपीएल में बतौर दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान उनकी लीडरशिप भी शानदार चल रही थी, लेकिन मामला तब बिगड़ा जब उन्हें चोट लगी.

