कोहली, रोहित, राहुल, हार्दिक को निकालने की तैयारी कर रहे 4 नौसिखिए खिलाड़ी

भारतीय क्रिकेट टीम को रोहित शर्मा के रूप में नया वनडे कप्तान मिला है. पिछले कुछ समय से टीम इंडिया आईसीसी इवेंट नहीं जीत पाई है. वनडे वर्ल्ड कप की बात की जाए तो भारत ने आखिरी बार 2011 में यह खिताब जीता था. अब 2023 में वर्ल्ड कप खेला जाना है. संयोग से यह भी हिंदुस्तान में ही होगा. ऐसे में अभी से टीम तैयार करने की जरूरत है. भारत के पास इस लिहाज से कई कमाल-धमाल खिलाड़ी मौजूद हैं. इनमें से कुछ खिलाड़ी तो ऐसे हैं जो घरेलू क्रिकेट में रन मशीन बने हुए हैं. ये खिलाड़ी इस अंदाज में खेल रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर आज की तारीख में ही शिखर धवन, केएल राहुल जैसे दिग्गजों की जगह ले सकते हैं. तो कौन से हैं वो नाम आइए जानते हैं-
देवदत्त पडिक्कल- बाएं हाथ का कर्नाटक का यह बल्लेबाज भी रन बनाने में कम नहीं है. देवदत्त पडिक्कल ने अभी तक 20 लिस्ट ए मैच खेले हैं और 86.68 की जबरदस्त औसत से 1387 रन बनाए हैं. उनकी स्ट्राइक रेट भी 86.85 की है. 21 साल के देवदत्त पडिक्कल के नाम लिस्ट ए क्रिकेट में छह शतक और आठ फिफ्टी हैं. 152 रन उनका सर्वोच्च स्कोर है. पिछली दो विजय हजारे ट्रॉफी में वे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल रहे थे. साथ ही आईपीएल में आरसीबी के लिए भी उनका कमाल देखने को मिला था. घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने के चलते उन्हें हाल ही में इंडिया ए के साथ दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भेजा गया था.
पृथ्वी शॉ- मुंबई का यह बल्लेबाज काफी समय से भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाता है. उनकी कप्तानी में भारत ने 2018 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था. लेकिन वे इससे पहले स्कूली दिनों से ही अपनी बैटिंग के जलवे बिखेर चुके थे. अब जब वे सीनियर लेवल पर खेल रहे हैं तब भी उनके रन बनाने पर कोई असर नहीं पड़ा है. लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने अभी तक 44 मैच खेले हैं. इनमें उन्होंने 56.48 की औसत से 2316 रन बनाए. जितनी प्रभावशाली उनकी औसत है उससे भी ज्यादा खास उनकी रन बनाने की गति यानी स्ट्राइक रेट है. 50 ओवर क्रिकेट में पृथ्वी शॉ 124.98 की स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं. इसका मतलब है कि शॉ किसी सुपरफास्ट ट्रेन की गति से रन बनाते हैं. 44 मैच के लिस्ट ए करियर में वे आठ शतक और आठ अर्धशतक लगा चुके हैं. नाबाद 227 रन उनका सर्वोच्च स्कोर है. यह रिकॉर्ड उनकी भारतीय टीम में जगह बनाने की पुरजोर पैरवी करता है.
वेंकटेश अय्यर- मध्य प्रदेश के इस क्रिकेटर ने पिछले 9-10 महीनों में क्रिकेट के फलक पर अपना नाम मजबूती से लिखा है. फरवरी-मार्च 2021 में 198 रन की पारी खेलकर वेंकटेश अय्यर ने ध्यान खींचा था. फिर आईपीएल 2021 के दूसरे हाफ में केकेआर को फाइनल तक ले जाने का काम अपनी बैटिंग के जरिए. अब फिर से विजय हजारे ट्रॉफी में उनकी बैटिंग के आगे बॉलर्स के दांवपेंच फेल हो रहे हैं. वेंकटेश अय्यर वैसे तो ओपनर के रूप में कामयाब हुए हैं. लेकिन अभी वे मिडिल और लॉअर मिडिल ऑर्डर में खेल रहे हैं. इसके जरिए वे फिनिशिर की भूमिका के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. फिर उनके आंकड़े भी बवाल करते हैं. वेंकटेश अय्यर ने अभी तक 28 लिस्ट ए मैच खेले हैं और इनमें 54.40 की जबरदस्त औसत के साथ 1197 रन बना चुके हैं. उनकी स्ट्राइक रेट भी 107.74 की है. इस तरह का प्रदर्शन किसी भी टीम के कप्तान और मैनेजमेंट का जी ललचा सकता है. बैटिंग के साथ ही बॉलिंग में भी वेंकटेश अय्यर खिलाड़ी आदमी हैं. गेंदबाजी करते हुए उनके नाम 18 विकेट हैं. ऐसे में वे बल्लेबाज और गेंदबाजी दोनों से टीम की मदद करने की कुव्वत रखते हैं.
ऋतुराज गायकवाड़- आईपीएल 2020 में चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से खेलते हुए ऋतुराज गायकवाड़ की प्रतिभा को दुनिया ने शायद पहली बार देखा था. लेकिन उससे पहले ही वे घरेलू क्रिकेट में अपना सिक्का जमा चुके थे. वे लगातार इंडिया ए की ओर से खेल रहे थे और रन बना रहे थे. फिर आईपीएल 2020 में सीएसके के लिए लगातार तीन फिफ्टी लगाकर सुर्खियां बटोरीं. आईपीएल 2021 में तो ऋतुराज गायकवाड़ अपने खेल को अलग ही लेवल पर ले गए और ऑरैंज कैप विजेता बने. लेकिन यह खिलाड़ी केवल टी20 का ही मास्टर नहीं है. 50 ओवर क्रिकेट में भी उनके नाम की गूंज सुनाई देती है.