आज है टीम इंडिया के इन 5 सितारों का जन्मदिन

6 दिसंबर का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास है. टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में परचम लहराने वाले पांच खिलाड़ियों का आज जन्मदिन है. इनमें से 3 खिलाड़ी तो ऐसे हैं, जो टीम इंडिया के नियमित सदस्य हैं, वहीं एक लंबे अरसे से टीम से बाहर है. साथ ही एक धुरंधर इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. छह दिसंबर को जन्मदिन वाले इन पांच खिलाड़ियों में रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, करुण नायर और आरपी सिंह के नाम शामिल हैं.
रवींद्र जडेजा: टीम इंडिया के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा आज 33 साल के हो गए. 6 दिसंबर 1988 को सौराष्ट्र में जन्मे रवींद्र जडेजा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 2009 में श्रीलंका के खिलाफ की थी.
जसप्रीत बुमराह: भारतीय तेज गेंदबाजी यूनिट की जान कहे जाने वाले जसप्रीत बुमराह आज 28 साल के हो गए. 6 दिसंबर 1993 को अहमदाबाद में जन्मे बुमराह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में शिरकत करते हैं. बुमराह दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं उनका सबसे बड़ा हथियार सटीक यॉर्कर है, जिससे वह बल्लेबाजों को चकमा देने में माहिर हैं.
श्रेयस अय्यर: मुंबई का यह बल्लेबाज आज 27 साल का हो गया. अय्यर टीम इंडिया के टी20 और वनडे सेटअप का एक अहम हिस्सा हैं. प्रथम श्रेणी में शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में अपना टेस्ट डेब्यू करने का भी मौका मिला है. इसका पूरा फायदा उठाते हुए अय्यर ने डेब्यू टेस्ट मैच में शानदार शतक जड़ दिया था.
करुण नायर: जोधपुर में जन्मे करुण नायर मूलत: कर्नाटक के हैं. वह आज 30 साल के हो गए. करुण नायर टेस्ट क्रिकेट में वीरेंद्र सहवाग के बाद तिहरा शतक जमाने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं. हालांकि उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले और 2017 के बाद से वह इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हैं. उन्होंने अपने करियर के तीसरे ही टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा था. लेकिन उसके बाद से वह अब तक वह तीन ही टेस्ट मैच खेल पाए हैं.
आरपी सिंह: रायबरेली में जन्मे आरपी सिंह आज 36 साल के हो गए. उत्तर प्रदेश के इस तेज गेंदबाज ने धमाकेदार अंदाज में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. आरपी को 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में डेब्यू का मौका मिला. वह अपने पहले ही मैच में ‘मैन ऑफ द’ मैच रहे. 2007 में पहले टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को चैम्पियन बनाने में आरपी की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी.