एडिशनल एसपी लखन पटले पवार ने संभाला कार्यभार…जाने क्या कहते हैं ASP….*

RGHNEWS PRASHANT TIWARI रायगढ़ के नए एडिशनल एसपी लखन पटले पवार आज संभाले रायगढ़ का कार्यभार, वे 2007 बैच के ऑफिस हैं और राजनांदगांव व कबीरधाम जिले में उनकी पढ़ाई हुई है।
एडिशनल एसपी लखन पटले पवार ने प्रशांत तिवारी से बात चीत के दौरान बताया कि वे नक्सली इलाकों से लेकर छत्तीसगढ़ के कई बड़े शहरों में एएसपी व एसडीओपी की जिम्मेदारी निभा चुके है। उन्होंने एसडीओपी भानूप्रतापपुर (कांकेर) में 1 साल, सुकमा में एसडीओपी के रूप में साढ़े तीन साल, सिविल लाइन बिलासपुर में सीएसपी के रूप में ढाई साल और एडिशनल एसपी के पद पर जगदलपुर में डेढ़ साल, राजनांदगांव, दुर्ग में डेढ़ साल और रायपुर में एडिशनल एसपी सिटी और ग्रामीण के रूप में भी कार्यभार संभाल चुके है।
कबीरधाम जिले के माओवाद प्रभावित छोटे से गांव अगरी के सरकारी स्कूल से पढ़कर छत्तीसगढ़ पुलिस में एएसपी का पद संभालने वाले लखन पटले को एक वक्त में इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोडऩी पड़ी थी। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उन्होंने पढ़ाई छोड़कर कोचिंग पढ़ाना शुरू कर दिया। अवसाद के लंबे दौर से गुजरने के बाद भी इस जांबाज अफसर ने हार नहीं मानी और शुरू कर दी छत्तीसगढ़ पीएससी की तैयारी। RGHNEWS से बात चीत के दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया में हर किसी के लिए एक काम बना हुआ है।
पहली बार हो गए थे फेल, दूसरे प्रयास में मिली सफलता
खैरागढ़ साइंस कॉलेज से गणित विषय लेकर बीएसएसी की पढ़ाई की। लगातार कोचिंग क्लासेस में 11 घंटे पढ़ाते हुए प्रायवेट मैथ्स में एमएसएसी किया। एएसपी पटले ने बताया कि लगातार कोचिंग में मेहनत करने के बाद खुद की तैयारी के लिए वक्त नहीं बचता था, इसलिए पीएएससी के पहले प्रयास में वे असफल हो गए। साल 2005 में फिर दूसरी बार पीएएससी दिया तब जाकर डीएसपी पद के लिए चयनिय हुए। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कड़ी मेहनत के बाद भी आपको मन चाही सफलता मिले। अगर आप फेल भी हो गए तो जीवन में कभी हार मानकर बैठना नहीं। निरंतर प्रयास करते रहिए सफलता जरूर मिलेगी। हर किसी के जीवन की अलग यात्रा है। खुद की प्रतिभा और क्षमताओं को पहचान कर सकारात्मक दिशा में प्रयास करे। सफलता अवश्य मिलेगी।



