*✍️निसंतान दंपतियों के जीवन में खुशहाली ला रहा रायगढ़ का अपेक्स, आईवीएफ के शत प्रतिशत सफलता पर लगाया गया निशुल्क शिविर✍️* – RGH NEWS
रायगढ़ न्यूज़ (समाचार)

*✍️निसंतान दंपतियों के जीवन में खुशहाली ला रहा रायगढ़ का अपेक्स, आईवीएफ के शत प्रतिशत सफलता पर लगाया गया निशुल्क शिविर✍️*

 
( RGH NEWS ) रायगढ़। किसी भी दंपति के लिए उसके जीवन की सबसे बड़ी खुशहाली उसके आंगन में गूंजने वाली बच्चों की किलकारी होती है लेकिन जब किसी कारणवश यह किलकारी नसीब नहीं हो पाती तो दंपति का पूरा जीवन अधूरा अधूरा सा लगने लगता है । यह न केवल रायगढ़ का पूरे अंचल का सौभाग्य है कि यहां आईवीएफ की तकनीक उपलब्ध है और यह तकनीक अपेक्स हॉस्पिटल के माध्यम से न केवल क्षेत्रवासियों के लिए सहज है बल्कि इसकी 100% सफलता भी अब सिद्ध हो चुकी है ।
शहर के छाता मुड़ा बाईपास पर स्थित अपेक्स हॉस्पिटल में अन्य कठिन बीमारियों के इलाज के अलावा नि:संतान दंपतियों के जीवन में खुशहाली लाने आईयूआई एवं आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध है। इस तकनीक को अपेक्स हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ मनोज गोयल एवं डॉ रश्मि गोयल अपने अस्पताल में पिछले 3 सालों से सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं। साल भर पहले जहां आईबीएफ का सक्सेस रेट जहां 80 से 90% था वही साल 2019 के आखिरी महीने दिसंबर में सफलता का प्रतिशत 100% पर पहुंच गया है। अपने सफलतम प्रयास के 3 साल पूरे होने पर अपेक्स अस्पताल की ओर से आईवीएफ का निशुल्क कैंप लगाया गया, जिसमें नि:संतान दंपतियों को आमंत्रित कर उनकी समस्याओं को समझा गया और नि:संतानता किस वजह से अब तक बनी हुई है इस बात का कारण ढूंढते हुए उसके निदान के संबंध में चर्चा की गई।
डॉ रश्मि ने बताया क्यों होती है समस्या और कैसे होता है समाधान
आईवीएफ तकनीक को स्वयं सफलतापूर्वक करने वाली अपेक्स हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ रश्मि गोयल ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रोजेक्टर पर निसंतान ता संबंधी समस्या और उसके समाधान को बताया। उन्होंने बताया कि निसंतान था दो वजहों से हो सकती है पहला महिला के हारमोंस और गर्भाशय के अंदर की समस्याओं की वजह से और दूसरा पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या गतिशीलता और बनावट में गड़बड़ी के कारण और इन दोनों में से किसी भी एक कारण का होना निसंतानता का कारण बन सकता है। इसलिए जब भी कोई दंपति उनके पास इस समस्या को लेकर आता है तो सर्वप्रथम दोनों का मेडिकल जांच करवाया जाता है और फिर समस्याओं को दूर करते हुए आगे का इलाज किया जाता है। यदि इलाज के बाद भी सामान्य स्थितियों में गर्भधारण नहीं हो रहा है तो फिर आईवीएफ तकनीकी मदद ली जाती है जिससे निराश दंपतियों के जीवन में खुशहाली और आंगन में बच्चों की किलकारी गूंजने लगती है। डॉ रश्मि ने बताया कि उनका लैब अन्य स्थानों में ऐसे अस्पतालों के लैब से काफी आधुनिक है जिसमें आईवीएफ तकनीक का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जाता है अपेक्स में बाहर से आए हुए हैं। जो बेहतर प्रशिक्षित और सफल रहे हैं। बताया कि किसी भी केस की 100% सफलता उस अस्पताल के एंब्रियो लार्जेस्ट पर भी बहुत हद तक निर्भर होती है इस वजह से एक बेहतर और प्रशिक्षित एंब्रियोलाजिस्ट को अस्पताल में इस कार्य के लिए रखा गया है। यही कारण है कि उनकी सफलता अब समय समय 100% तक पहुंच चुकी है।
बेहतर सेवा और मरीजों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ मनोज गोयल ने बताया कि उनका अस्पताल लोगों की विश्वसनीयता पर खरा उतरा है उसका कारण यही है कि वह सेवा पर विश्वास करते हैं। मरीजों का बेहतर इलाज करते हुए उन्हें संतुष्ट कर यहां से भेजा जाता है इस वजह से अस्पताल दिन प्रतिदिन बेहतर से बेहतर करता जा रहा है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डॉ मनोज ने बताया कि शहर के मांग के अनुरूप अस्पताल में व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। आगे भी जिस प्रकार की आवश्यकता शहरवासियों के सहूलियत के लिए महसूस होगी विस्तार किया जाएगा।
अन्य अस्पतालों से चार्जेस से 50% तक कम
सवालों का जवाब देते हुए डॉ मनोज गोयल एवं डॉ रश्मि गोयल ने बताया कि अन्य अस्पतालों की तुलना में उनके मेडिकल चार्जेस लगभग 50 फ़ीसदी कम है यही कारण है कि कम शुल्क में हम बेहतर सुविधाएं देकर मरीजों का एवं उनके परिजनों का विश्वास अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि न केवल शहर बल्कि दूरदराज एवं उड़ीसा प्रांत के मरीज भी अपेक्स हॉस्पिटल में आते हैं और उनके रोगों का बेहतर उपचार किया जाता है।
आईवीएफ के लिए पूरे संभाग में नंबर वन की स्थिति में है अपेक्स
निसंतान ता का उपचार आईवीएफ तकनीक से करने के मामले में अपेक्स हॉस्पिटल पूरे संभाग में नंबर वन की स्थिति पर आ खड़ा हुआ है । वैसे तो अब हर बड़े शहरों में इस तकनीक की सुविधा मिल रही है। लेकिन रायगढ़ एवं आसपास के क्षेत्र की बात करें तो यहां से बड़े शहरों में जाने और वहां रुक कर इलाज करवाने में जो रुपया और समय बर्बाद होता है वह कम खर्चे में और सहूलियत से रायगढ़ के अपेक्स अस्पताल में मौजूद है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां आए मरीज को निराशा नहीं मिलती है क्योंकि अधिकांश है अन्य आईवीएफ सेंटरों में यह देखा जाता है कि इस तकनीक का इस्तेमाल करने के बावजूद काफी दंपति संतान का सुख नहीं ले पाते लेकिन दिसंबर में इस अस्पताल में जो एक रिकॉर्ड खड़ा किया है वह काफी सराहनीय है और इस रिकॉर्ड के मुताबिक माह दिसंबर में आईवीएफ से इलाज कराने वाला कोई भी दंपति निराश नहीं हुआ है।

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