धर्म

Choti Diwali: छोटी दिवाली आज, जानिए नरक चतुर्दशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा- विधि

Choti Diwali  यदि आप धनतेरस के दिन यम के नाम का दीपदान नहीं कर पाए थे, तो आपके पास आज छोटी दिवाली पर भी यह शुभ कार्य करने का पूरा अवसर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली के दिन भी यमराज के लिए दीपदान करने का विशेष महत्व माना जाता है। यही वजह है कि कई लोग इसी दिन शाम के समय यम का दीपक निकालते हैं। इसके अलावा, इस दिन नाली के पास एक दीपक जलाने की भी विशेष परंपरा है, साथ ही कई जगहों पर नरकासुर के निमित्त भी दीपदान किया जाता है। आइए जानते हैं कि नरक चतुर्दशी पर यमराज का दीपक जलाने का सही समय और विधि क्या है।

 

 

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी पर यम का दीपक कितने बजे जलाएं?

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी पर यम का दीपक जलाने का शुभ समय शाम 05:32 से रात 08:09 बजे तक रहेगा।

 

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी पर नाली के पास दीपक क्यों जलाना चाहिए?

आचार्य इंदु प्रकाश जी के अनुसार आज नरक चर्तुदशी के दिन हर किसी को घर की नाली पर कम से कम एक दिया जरूर जलाना चाहिए। आज के दिन नालियों पर दीपक जलाने की यह व्यवस्था हमें सिखाती हैं कि घर की और आस-पास की सभी नालियां हमेशा साफ-सुथरी रहनी चाहिए और जल की निकासी कभी भी रूकनी नहीं चाहिए क्योंकि घर की नालियों की स्थिति का सीधा संबंध घर की आर्थिक स्थिति से होता है।

 

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यम का दीपक किस दिशा में जलाएं?

यमराज का दीपक दक्षिण दिशा में ही जलाया जाना चाहिए क्योंकि दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है। साथ ही इस दीपक को घर के मुख्य द्वार से बाहर जलाकर रखना चाहिए।

 

यम का दीपक जलाने की विधि और मंत्र

Choti Diwaliछोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर यमराज के नाम से एक चौमुखा दीपक जलाया जाता है। इस दीपक में सरसों या तिल का तेल डालें और फिर उसकी चारों दिशाओं में चार बत्तियां लगाएं। दीपक के नीचे थोड़े से अक्षत जरूर रखें। इस दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर जलाएं। दीपक जलाने के बाद हाथ जोड़कर यमराज का ध्यान करें और परिवार के सभी सदस्यों की लंबी आयु और अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना करें। दीपक जलाते समय यह मंत्र बोलें – मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥

 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। Rgh एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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