Chhattisgarh samachar: छत्तीसगढ़ मे धान खरीदी के टोकन सिस्टम में बदलाव, जानिए नया नियम

Chhattisgarh samachar समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए इस बार किसानों को केवल 60 दिन ही मिलेंगे। धान खरीदी के लिए शासन ने इस बार 15 दिन की कटौती कर दी है। अब 15 नवंबर से 15 जनवरी तक ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होगी, जबकि पिछले साल 15 नवंबर से 31 जनवरी तक खरीदी हुई थी। इससे जांजगीर-चांपा जिले के किसानों को परेशानी हो सकती है, क्योंकि जिले में ज्यादातर किसान लेट वैरायटी की फसल लेते हैं। धान खरीदी भले ही 15 नवंबर से शुरू हो जाती है, लेकिन जिले में धान की आवक दिसंबर महीने से ही शुरू होती है। दिसंबर और जनवरी के दो महीनों में ही बंपर आवक रहती है। ऐसे में इस बार किसानों को धान बेचने के लिए कम समय मिलेगा।
इससे खरीदी केंद्रों में भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती है। ऊपर से यदि लिमिट का पेंच फंसा तो स्थिति और जटिल हो जाएगी। किसानों को तय समय में धान बेच पाने की चिंता सता रही है। पिछली बार 31 जनवरी तक खरीदी होने के बावजूद कई किसान धान बेचने से वंचित रह गए थे। किसानों की मांग को देखते हुए शासन ने खरीदी की अवधि कुछ दिन और बढ़ाई थी। लेकिन इस साल शासन ने पहले ही खरीदी की तारीख 15 दिन कम कर दी है।
हालांकि, इस बार पहले से पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उन्हें राहत मिली है। धान खरीदी का आदेश जिला सहकारी केंद्रीय बैंक समेत अन्य संबंधित विभागों में पहुंच गया है। खरीदी की समय-सीमा का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसानों तक यह जानकारी पहुंच सके।
1 लाख 28 हजार 719 किसानों ने कराया पंजीयन
समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अब तक जिले में 1 लाख 28 हजार 719 किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें 4,193 नए किसान हैं, जो पहली बार धान बेचेंगे। पिछले साल जिले में 1 लाख 26 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था। इस बार धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए जिले में तैयारियां शुरू हो गई हैं। धान खरीदी के लिए नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। खरीदी प्रभारी भी तय किए जा रहे हैं। इस बार कई केंद्रों में खरीदी प्रभारियों को बदलने की तैयारी है, क्योंकि पिछले साल धान खरीदी में धान गबन का मामला सामने आया था, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था।
टोकन सिस्टम में भी बदलाव
2 एकड़ से कम जमीन वाले किसान: सिर्फ 1 टोकन मिलेगा। यानी एक ही बार में पूरा धान बेचना होगा।
2 से 10 एकड़ जमीन वाले किसान: 2 टोकन मिलेंगे। यानी दो बार में धान बेच सकेंगे।
10 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसान: 3 टोकन मिलेंगे। यानी तीन बार में धान बेच सकेंगे।
समय-सीमा कम होने से होगी परेशानी
Chhattisgarh samacharकृषक चेतना मंच के जिला सहसंयोजक संदीप तिवारी ने बताया कि धान खरीदी 15 नवंबर से 31 जनवरी तक होनी चाहिए। 15 जनवरी तक खरीदी होने से किसानों पर तय समय में धान बेचने का दबाव बढ़ेगा। 15 दिन का समय कम किए जाने से कई किसान धान बेचने से वंचित भी रह सकते हैं। रकबा सुधार, संशोधन, टोकन समेत कई तरह की जटिल प्रक्रियाओं के चलते दो महीने का समय भी पर्याप्त नहीं है।
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