Chhatisgarh News : सुकमा के हालात पर सीएम विष्णुदेव साय की सीधी नजररू कलेक्टर से फोन पर ली जानकारी, बोलेकृ “राहत शिविरों में प्रभावितों को न हो कोई कमी“

Chhatisgarh News : सुकमा, 26 सितम्बर 2026
विगत कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और जलभराव की गंभीर चुनौती के बीच सुकमा जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और अलर्ट मोड पर है। प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में प्रशासनिक अमले और पुलिस विभाग की त्वरित मैदानी कार्रवाई ने संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है। अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर खुद हालात की कमान संभाले हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ली जिले की सुध, कलेक्टर को दिए स्पष्ट निर्देश
प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले की स्थिति का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर श्री अमित कुमार से दूरभाष पर विस्तृत चर्चा की। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने मुख्यमंत्री को जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, जलभराव और बचाव कार्यों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा, भोजन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राहत शिविरों में सभी प्रबंध चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।
1400 से अधिक प्रभावितों को सुरक्षित आश्रय, शिविरों में भोजन और स्वास्थ्य जांच की पुख्ता व्यवस्था
सुकमा-कोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन बाधित होते ही कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में प्रशासन ने बिना समय गंवाए युद्धस्तर पर राहत अभियान शुरू किया। जिले भर में 1400 से अधिक जरूरतमंदों के लिए सुरक्षित राहत शिविर स्थापित किए गए।
कोंटा विकासखंड सामुदायिक भवन कोंटा में लगभग 550, आसिरगुड़ा में 220 और बालक आश्रम एर्राबोर में 60 नागरिकों के सुरक्षित ठहरने का प्रबंध किया गया।
सुकमा जिला मुख्यालय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जनपद शाला, शासकीय पीजी कॉलेज और पुसामीपारा में 600 से अधिक प्रभावितों को आश्रय दिया गया। इन शिविरों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष मेडिकल कैंप लगाकर सभी नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच और दवाइयों का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
मैदान में उतरी प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त टीम, बोट से रेस्क्यू और रसद वितरण
आपदा प्रबंधन को गति देते हुए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। नगरपालिका अध्यक्ष श्री हूंगाराम मरकाम और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बरसे ने पावारास, राजवाड़ा, पुसामीपारा और शबरीनगर जैसे संवेदनशील इलाकों का दौरा कर प्रभावितों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। नगर सेना एसडीआरएफ की टीम ने अदम्य साहस दिखाते हुए बोट के जरिए जलमग्न क्षेत्रों से 26 नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। वहीं, सुकमा तहसीलदार श्री गिरीश निंबालकर प्रशासनिक टीम के साथ स्वयं बोट पर सवार होकर बाढ़ग्रस्त बस्तियों में पहुंचे और घर-घर तक फूड पैकेट और शुद्ध पेयजल पहुंचाया।
सजगता ही सुरक्षा: जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी और आपातकालीन हेल्पलाइन
नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने आवश्यक एडवाइजरी जारी कर अपील की है कि लोग घबराएं नहीं, बल्कि जरूरी दवाइयां, पीने का पानी और सूखा राशन सुरक्षित स्थानों पर सहेजकर रखें तथा मौसम के अलर्ट्स पर नजर बनाए रखें। आपात स्थिति में ग्राम पंचायत, पटवारी या राजस्व दल से तुरंत संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन के द्वारा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 07864284012 जारी किया गया है।