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UPI Payment Charges: दो हज़ार रुपये से अधिक की UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज, लेकिन आम आदमी को नहीं देना होगा 1 भी रुपया, जानिए नियम

UPI Payment Charges अगर आप भी कैश के बजाए UPI से पेमेंट करना पसंद करते हैं तो ये खबर आपके लिए है,क्योंकि वित्त मंत्रालय ने UPI पेमेंट को लेकर नए नियम लागू किए हैं। जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।

 

नए नियमों के मुताबिक अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं तो 2 हजार रुपये तक के UPI पेमेंट पर कोई फीस नहीं लगेगी,लेकिन बड़े ट्रांजेक्शन पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगेगा। दावा तो ये है कि इसका भार ग्राहक नहीं दुकानदार पर होगा- इस पर बात से पहले समझें फैसला क्या है –

 

UPI Payment Charges Latest Update: 15 सितंबर को हुई UPI संचालन समिति की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं।

 

– अब अगर पर्सन-टू-पर्सन पेमेंट होता है..तो कोई चार्ज नहीं लगेगा।

– लेकिन अगर पर्सन टू मर्चेंट पेमेंट होता है..और ये राशि 2000 से ज्यादा है तो 0.4% MDR लगेगा।

– वहीं 75 हजार से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर अधिकतम ₹300 MDR लगेगा।

 

: बड़े मर्चेंट पेमेंट पर MDR की चर्चा इसलिए है क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 में 2 हजार से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन सिर्फ 4 फीसदी थे, लेकिन उनकी वैल्यू करीब 66 फीसदी थी। यानी फिलहाल छोटे पेमेंट पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि UPI पेमेंट का दायरा अब बहुत बड़ा हो चुका है। यानी आम आदमी कैश से ज्यादा डिजिटल पेमेंट से डील कर रहा है। ऐसे में अगर आप..

 

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– रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और एग्री इनपुट्स पर ₹2000 से ज्यादा का पेमेंट करते हैं, तो सिर्फ ₹5 रुपए MDR लगेगा।

– वहीं म्यूचुअल फंड, स्टॉक, ब्रोकर्स पर 0.02% MDR, अधिकतम ₹300 लगेगा

– हालांकि 1 लाख/माह तक UPI QR कलेक्शन वाले छोटे मर्चेंट पर जीरो MDR है।

– सबसे बड़ी राहत फ्री UPI ट्रांजेक्शन पर है, पर्सन टू पर्सन UPI पेमेंट पर कोई लिमिट नहीं।

लेकिन बड़े मर्चेंट ट्रांजेक्शन नया MDR लागू होगा।

 

UPI Payment Charges: अब सवाल है कि UPI को लेकर सरकार ने ये फैसला क्यों लिया, तो उसका तर्क है कि UPI पेमेंट का दायरा काफी बड़ा हो चुका है और इसके सुरक्षित संचालन के लिए पैसों की आवश्‍यकता है। साइबर सिक्‍योरिटी और फ्रॉड रोकने के साथ नए इनोवेंशन को लेकर लगातार निवेश की आवश्‍यकता है, लेकिन सरकार के इस कदम पर जुबानी जंग शुरू हो गई है

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