Gandhinagar building collapse: बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरने से 10 से ज्यादा मजदूर मलबे में दबे

Gandhinagar building collapse गांधीनगर के कूड़ासन में निर्माणाधीन बिल्डिंग का हिस्सा टूट कर गिरने से कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्लैब गिरने की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया। कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद टीमों ने मलबे में दबे 15 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। हादसे में घायल 15 मजदूरों में से 12 का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि 3 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
स्लैब के काम के दौरान गिरी निर्माणाधीन इमारत
मलबे में दबे जिन मजदूरों को निकाला गया है उन्हें हल्की चोटें आई हैं। इन लोगों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि स्लैब का काम चल रहा था उसी दौरान यह हादसा हो गया। इस बीच डिप्टी सीएम हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने हालात का जायजा लिया।
फायर डिपार्टमेंट की टीमें रेस्क्यू में जुटीं
वहीं गांधीनगर के फायर ऑफिसर राजेश पटेल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि गांधीनगर के कुडासन इलाके में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग का एक हिस्सा गिर गया। फायर डिपार्टमेंट की टीमें अभी मौके पर बचाव कार्य में लगी हुई हैं। ज़्यादा जानकारी का इंतज़ार है।
बता दें कि दिल्ली में हुए बिल्डिंग हादसे के सदमे से अभी लोग उबरे भी नहीं थे कि गांधी नगर में एक और हादसा हो गया। राजधानी दिल्ली में पांच मजिला इमारत रविवार दोपहर अचानक भरभराकर गिर गई थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। जर्जर हो चुकी इमारत में पीजी चलता था।
पुलिस की जांच में कई गंभीर बातें सामने आई हैं। दिल्ली पुलिस की FIR में आरोप लगाया गया है कि पुरानी बिल्डिंग की भार उठाने की क्षमता यानी लोड-बेयरिंग की जानकारी होने के बावजूद उसमें 4 ऊपरी मंजिलें बनाई गईं। इतना ही नहीं, हादसे से पहले बिल्डिंग में आगे का निर्माण कार्य भी चल रहा था।
Gandhinagar building collapseमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को गैरकानूनी ढांचों पर बुलडोजर चलाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी बयान के मुताबिक, गुप्ता के इस निर्देश के बाद बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि दिल्ली के सभी ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) छात्रावासों का सघन निरीक्षण किया जाए और जहां भी अवैध निर्माण पाया जाए, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, गुप्ता ने भवनों के रिकॉर्ड खंगालने के भी आदेश दिए हैं।