Cheque book Rules Change: 31 दिसंबर के बाद नहीं चलेगी आपकी पुरानी चेकबुक, लेनी होगी नई, जानिए क्यों?

Cheque book Rules Change: यूपीआई के आने के बाद 10 रुपये से लेकर 1 लाख तक की पेमेंट्स चुटकियों में यूपीआई की मदद से हो जाती है, लेकिन जब बात बड़ी पेमेंट की आती है, तो चेकबुक ही काम आती है। अगर आप भी चेकबुक का इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल RBI ने बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए चेकबुक में कुछ बदलाव किए हैं। इस वजह से अब आपको अपनी चेकबुक बदलवानी पड़ेगी।
चेकबुक में क्या बदल गया?
अब तक बैंक की तरफ से मिलने वाली पुरानी चेकबुक में हर चेक के सबसे निचले हिस्से पर जो चेक नंबर और MICR कोड छपा होता था, वो केवल अंकों में होता था, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। नई चेकबुक में इन नंबरों के साथ-साथ खास अक्षरों यानी अल्फाबेट्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। नए चेक में ऐसे खास वाटरमार्क, यूवी लाइट में दिखने वाली अदृश्य स्याही और माइक्रो-प्रिंटिंग का इस्तेमाल किया गया है, जिसे नंगी आंखों से कॉपी कर पाना लगभग असंभव है। इसके अलावा ये चेक पूरी तरह से रिजर्व बैंक के ‘पॉजिटिव पे सिस्टम’ के साथ सिंक होकर काम करते हैं।
RBI ने दिया 31 दिसंबर तक का वक्त
भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियमों के अनुसार कल पुराने नंबर वाले चेक सिर्फ 31 दिसंबर तक ही काम करेंगे। 1 जनवरी 2027 से अल्फा-न्यूमेरिक कोड वाली चेक बुक की पेमेंट स्वीकार की जाएगी। आरबीआई के आदेश के बाद कई बैंकों ने नई चेकबुक जारी करनी शुरू भी कर दी है। वहीं कुछ बैंक अपने ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि वो 31 दिसंबर से पहले अपनी अल्फा-न्यूमेरिक कोड वाली चेकबुक इश्यू करवा लें। अगर वो ऐसा नहीं करवाते हैं, तो 31 दिसंबर 2026 के बाद 50 हजार या उससे अधिक की रकम पुराने चेकबुक से नहीं ली जाएगी।
पुरानी VS नई चेकुबक
पुरानी चेकबुक नई (अल्फान्यूमेरिक) चेकबुक
केवल अंकों (Digits) में नंबर होते हैं। अंकों और अक्षरों (Alpha-Numeric) का कॉम्बिनेशन होता है।
साधारण सुरक्षा मानक होते थे। हाई-टेक वाटरमार्क और अदृश्य स्याही (UV इंक) से सुरक्षित है।
चेक में छेड़छाड़ या जालसाज़ी करना आसान था। नए कोड और सुरक्षा फीचर्स के कारण जाली चेक बनाना असंभव है।
डिजिटल स्कैनिंग और क्लियरिंग में समय लगता था। ऑटोमेटेड स्कैनिंग के कारण तेज़ी से क्लियर होती है।
पॉजिटिव पे सिस्टम से सीधे जुड़ी नहीं थी। पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS) के साथ पूरी तरह एकीकृत है।
बची हुई पत्तियां खत्म होने तक ही मान्य है। बैंकों द्वारा अब यही चेकबुक जारी की जा रही है।
Cheque book Rules Changeबता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने ये बदलाव ग्राहकों के लिए ही किया है। देशभर में बढ़ रहे बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए इसे RBI का बड़ा कदम माना जा सकता है।
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