Kajari Teej: इस दिन मनाई जाएगी कजरी तीज, नोट करें सही डेट और शुभ मुहूर्त

Kajari Teej कजरी तीज सुहागिनों के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाओं पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत, सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करती हैं। इसके बाद रात में चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलती हैं। कजरी तीज की पूजा इन चीजों के बिना पूरी नहीं मानी जाती है। ऐसे में नोट कर लीजिए कजरी तीज की संपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट।
कजरी तीज पूजा सामग्री लिस्ट
भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीर या मूर्ति
चौकी और बिछाने के लिए पीला या लाल वस्त्र
केले के पत्ते, दुर्वा घास, बेलपत्र
कलश
कच्चा सूत
घी, दीपक, रुई की बत्ती, अगरबत्ती, धूप, कपूर
आरती के लिए थाली
जटा वाला नारियल
सुपारी, अक्षत, चंदन, अबीर-गुलाल
श्रीफल
गाय का दूध
गंगाजल
दही, मिश्री, शहद, घी और पंचामृत
मौसमी फल
मिठाई
भोग के लिए खीर भी बना सकते हैं
माता पार्वती के लिए- सोलह श्रृंगार का सामान जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, महावर, कुमकुम, कंघी, बिछुआ, मेहंदी, आइना, इत्र, चुनरी और साड़ी आदि।
कजरी तीज के दिन करें इन मंत्रों का जप
ॐ पार्वतीपतये नमः
ॐ नमः शिवाय।।
ॐ उमा महेश्वराय नम:
ॐ गौरीशंकराय नमः
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौरी देव्यै नमः
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
कजरी तीज का महत्व
Kajari Teejहिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंवारी कन्याएं अगर कजरी तीज का व्रत रखती हैं तो उन्हें मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। साथ ही विवाह में आ रही सारी विघ्न बाधाएं भी दूर हो जाती हैं। वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति, खुशहाली की कामना के लिए कजरी तीज का व्रत रखती हैं। इस दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। मान्यता है कि जो महिलाएं नियम और सच्चे मन से कजरी तीज का व्रत रखती हैं, उनके जीवन से दांपत्य तनाव दूर होता है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।