Chaturmas 2026: 24 या 25 जुलाई, चातुर्मास कब से शुरू? जानिए इस दौरान क्या करें और क्या नहीं – RGH NEWS
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Chaturmas 2026: 24 या 25 जुलाई, चातुर्मास कब से शुरू? जानिए इस दौरान क्या करें और क्या नहीं

Chaturmas 2026: हिंदू धर्म में चातुर्मास को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक साधना का काल माना जाता है। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी पर जागते हैं। इन चार महीनों के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की मनाही होती है, जबकि पूजा-पाठ, जप, तप, दान और व्रत का विशेष महत्व बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में किए गए शुभ कर्मों का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। इस साल देवशयनी एकादशी के साथ 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास की शुरुआत होने जा रही है। इस बार चातुर्मास पूरे 120 दिनों तक रहेगा और 21 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के दिन समाप्त होगा। आइए जानते हैं चातुर्मास में क्या करना चाहिए और क्या नहीं…

 

 

चातुर्मास में क्या करें?

प्रतिदिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और तुलसी जी की पूजा करें।

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का नियमित जप करें।

गीता, रामचरितमानस, विष्णु सहस्रनाम या श्रीमद्भागवत का पाठ करें।

गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान दें।

सात्विक भोजन करें और क्रोध, अहंकार, नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखें।

एकादशी व्रत, भजन-कीर्तन और सत्संग में भाग लें।

तुलसी के पौधे की नियमित सेवा और पूजा करें।

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चातुर्मास में क्या नहीं करें?

विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ मांगलिक कार्यों से बचें।

मांस, मदिरा, तंबाकू और नशीली वस्तुओं का सेवन न करें।

तामसिक भोजन और अत्यधिक मसालेदार भोजन से परहेज करें।

किसी का अपमान, झूठ, छल-कपट और अनावश्यक विवाद से बचें।

पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को नुकसान न पहुंचाएं।

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चातुर्मास का धार्मिक महत्व

Chaturmas 2026सनातन परंपरा में चातुर्मास आत्मसंयम, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का समय माना गया है। वर्षा ऋतु के कारण प्राचीन समय में संत-महात्मा एक ही स्थान पर रहकर प्रवचन और साधना करते थे। यही परंपरा आगे चलकर चातुर्मास के रूप में स्थापित हुई। इस दौरान भगवान विष्णु की उपासना, श्रीहरि के मंत्रों का जप, श्रीमद्भागवत और रामायण का पाठ करना लाभकारी माना जाता है। साथ ही दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना जाता है।

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